झज्जर। शहर के प्रमुख मार्गों पर बेसहारा पशुओं की तादाद लगातार बढ़ रही है। इससे आए दिन हादसे होने का खतरा बना रहता है। दो साल से नगर परिषद ने भी बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए कोई टेंडर भी जारी नहीं किया है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। गर्मी के मौसम में यह बेसहारा पशु मच्छरों से बचने के लिए सड़क किनारे बैठ जाते हैं, जिससे और भी ज्यादा हादसे होने का खतरा बनेगा।
शहर का ऐसा कोई मार्ग नहीं है, जहां इन दिनों बेसहारा पशु न देखे जा सकते हों। शहर के गली-मोहल्ले से लेकर प्रमुख मार्गों पर इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। कई बार बेसहारा पशु अचानक वाहनों के सामने आ जाते हैं, जिससे वाहन चालकों के चोटिल होने की संभावना रहती है। शहर के बर्फखाना रोड, पुराना बस अड्डा, तहसील रोड, बीकानेर चौक, आंबेडकर चौक, सिलानी गेट, गुरुग्राम रोड, रोहतक रोड, रेवाड़ी रोड व बादली रोड पर बेसहारा पशुओं की भरमार है। नगर परिषद की तरफ से इन्हें पकड़कर गोशाला में छोड़ने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
दो साल पहले पकड़े थे पशु, अब घूम रहे बाहर
नगर परिषद ने दो साल पहले बेसहारा पशुओं को पकड़ने का ठेका जारी किया था। काफी संख्या में पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ा गया था, लेकिन अब यह पशु सड़कों पर घूमने लगे हैं। जो बेसहारा पशु बाहर घूम रहे हैं, उन पर टैग तक लगे हुए हैं। जो बेसहारा पशुओं को पकड़ने के बाद पशुपालन विभाग लगाता है।
बैठक में भी उठा मुद्दा
पिछले दिनों हुई नगर परिषद हाउस की बैठक में भी पार्षदों ने शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़ने की मांग उठाई थी। तब चेयरमैन ने आश्वासन दिया था कि इसे हाउस में प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा। फिलहाल हाउस में इसे पारित नहीं किया गया है।
वर्जन
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए हाउस की तरफ से प्रस्ताव पारित होने पर ही टेंडर लगाया जाएगा। फिलहाल कोई टेंडर नहीं लगाया गया है। दो साल पहले बेसहारा पशु पकड़े गए थे।
मनदीप सिंह, एमई, नगर परिषद, झज्जर