झज्जर। बारिश के बाद जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में गड्ढों में भरे पानी में मच्छर का लार्वा पनप रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अगस्त से अक्तूबर तक डेंगू का पीक सीजन माना जाता है क्योंकि इस समय बारिश का दौर कुछ धीमा होता है और पानी जगह-जगह एकत्रित होने के कारण मच्छर का लार्वा पनपता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में पिछले दिनों हुई बारिश के कारण 11438 स्थानाें पर गड्ढों, प्लाटों, सड़कों के पास पानी भरा मिला है। इनमें से 438 स्थानों पर भरे पानी में मच्छर का लार्वा मिला है। ये ऐसे स्थान हैं जहां पर किसी को नोटिस भी नहीं दिया जा सकता है।
जिले में अब तक छह डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इनमें दो झज्जर, दो बहादुरगढ़, एक भटेड़ा, एक गिजाड़ौद गांव में डेंगू के मरीज मिले हैं। पिछले साल जिले में डेंगू 109 मरीज मिले थे। विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के करीब दो लाख घरों की करीब छह बार जांच की जा चुकी है। इस दौरान 15887 घरों में पानी की टंकी, कूलर, गमले आदि में मच्छर का लार्वा मिला है। इसमें से स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 13464 लोगों को नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं। पंचायती राज और झज्जर की सभी नगर परिषद, नगरपालिका को डेंगू सीजन को देखते हुए फोगिंग मशीन की समुचित व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। खराब पड़ी फोगिंग मशीनों को जल्द से जल्द दुरूस्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिखा गया है। ग्रामीण इलाकों में डेंगू की रोकथाम के लिए अब ग्राम पंचायतों के पास फॉगिंग मशीन तक नहीं हैं। जिले में पंचायती राज विभाग को ग्राम पंचायतों में फॉगिंग मशीन खरीदने के लिए हर बार कहा जाता है लेकिन सभी ग्राम पंचायतों ने फॉगिंग मशीन नहीं खरीदी हैं। जिले में 250 ग्राम पंचायतें हैं, इनमें से 62 ग्राम पंचायतों ने व झज्जर, बेरी व बहादुरगढ़ नगर पालिका व नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 16 महीने खरीदी गई थी। इन 78 मशीनों में से 16 मशीनें खराब हैं। तीन शहर व 250 ग्राम पंचायतों में मात्र 57 फॉगिंग मशीन चालू हालत में हैं।
- वर्जन
डेंगू से बचाव के लिए रविवार को ड्राई डे मनाएं। घरों व संस्थानों के पास पानी न भरने दें। नगर परिषद व ग्राम पंचायतें फोगिंग करवाएं।
- डॉ ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर।