झज्जर। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने बोर्ड चेयरमैन को डिजिटल मार्किंग के कारण होने वाली अनावश्यक परेशानी व आर्थिक हानि से अवगत करवाने के लिए पत्र लिखा है।
हसला राज्य प्रधान सतपाल सिन्धु का कहना है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के चेयरमैन वीपी यादव नेमार्च माह के पहले हफ्ते में ही डिजिटल मार्किंग शुरू करवाने व डिजिटल मार्किंग के लिए अध्यापकों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की बात कही थी, लेकिन मार्च माह के अंतिम सप्ताह में भी डिजिटल मार्किंग शुरू नहीं हो पाई है और अब आचार संहिता लग जाने के कारण इसके जल्दी शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बोर्ड डिजिटल मार्किंग के लिए आज तक न तो अध्यापकों को इस बारे में कोई तकनीकी प्रशिक्षण दे पाया है और डिजिटल मार्किंग तो दूर मैन्युअल मार्किंग भी शुरू नहीं कर पाया है। हसला के सदस्यों ने डिजिटल मार्किंग के तकनीकी तथा वित्तीय पहलु के साथ-साथ अन्य पहलुओं पर चिंता जाहिर की है। इस कार्य के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने निविदा सूचना में बयाना राशि जमा के तौर पर 10 करोड़ की राशि निर्धारित की है। इससे यह साबित होता है कि इस कार्य के निष्पादन के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा 10 करोड़ से कई गुणा ज्यादा खर्च किया जाएगा जो किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।राज्य महासचिव अमित मनहर, राज्य प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया ने मांग की कि बोर्ड डिजिटल मार्किंग के स्थान पर जल्द से जल्द पहले से चली आ रही मैन्युअल मार्किंग शुरू करे ताकि विद्यार्थियों के परिणाम घोषित करने में अनावश्यक देरी से उनके भविष्य पर विपरीत प्रभाव न पड़े और बच्चों व सरकार को अनावश्यक आर्थिक बोझ न झेलना पड़े।