बहादुरगढ़। किसान नेता रमेश दलाल ने कहा कि जब हरियाणा-पंजाब अलग हो गए तो हरियाणा का हाईकोर्ट भी अलग होना चाहिए। सब राज्यों के अलग हाईकोर्ट हैं। हरियाणा हाईकोर्ट में 90 प्रतिशत कब्जा पंजाब का है। बाबू से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक 90 प्रतिशत पंजाब का कब्जा है। हरियाणा-पंजाब का बंटवारा होने के बाद जजों का प्रतिशत 50-50 होना चाहिए। प्रदेश का अलग हाईकोर्ट बनना चाहिए और केंद्र सरकार को चंडीगढ़ में जमीन देनी चाहिए। हरियाणा विधानसभा, सचिवालय के लिए केंद्र सरकार ने जमीन अलाट कर दी, लेकिन हाईकोर्ट के लिए क्यों नहीं दी। दलाल ने सरकार से मांग की है कि किसानों को उनकी जमीन का 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा, एसवाईएल का पानी और 108 हिंदी भाषीय गांव पंजाब से हरियाणा को देना चाहिए। इसके अलावा क्षेत्र के विकास के लिए मेट्रो रेल सेवा का बादली-खरखौदा-मांडोठी-आसौदा तक विस्तार, पूर्व उप-प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल, किसानों के मसीहा सर छोटूराम, कवि मेहर सिंह दहिया को भारत रतन अवॉर्ड देना चाहिए।