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Jhajjar-Bahadurgarh News: सहकारी बैंक की चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग

Thu, 04 Jan 2024 01:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। दी झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के निदेशकों ने बैंक चेयरपर्सन नीलम अहलावत के खिलाफ महाप्रबंधक को सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निदेशकों ने चेयरपर्सन पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन को बर्बाद करने के आरोप लगाए हैं। निदेशकों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए पीठासीन अधिकारी को नियुक्त करने की मांग की है। ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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सहकारी समितियां हरियाणा पंचकूला के नाम महाप्रबंधक को सौंपे ज्ञापन में राजवीर सिंह वाइस चेयरमैन, निदेशकों जोगेंद्र सिंह बैनीवाल, विनोद राठी, अजीत सिंह अहलावत, जयवीर सिंह व संतोष देवी ने कहा है कि चेयरमैन नीलम अहलावत तथा उनके के पति जोगेंद्र सिंह अहलावत वरिष्ठ लेखाकार द्वारा बैंक के कम्प्यूटर, कैमरे व प्रिंटर आदि के रखरखाव का ठेका अपने भतीजे को दिलाया हुआ है। जिन्हे हर तिमाही पर लगभग दो लाख रुपये दे दिए जाते हैं। यह राशि उस सामान के लिए दी जाती हैं जो बहुत लंबे समय से खराब पड़ी हैं। बैंक में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के पीए की पत्नी बैंक में कंम्प्यूटर ऑपरेटर लगी है, जो कभी बैंक में नहीं आती और महीने में एक बार आकर अपनी हाजिरी लगा देती हैं। जिसे बिना काम के वेतन दिया जाता है। चेयरपर्सन बीजेपी पार्टी की कार्यकर्ता है और गांव-गांव जाकर अपने कार्यक्रम करती रहती हैं। उन प्रोग्रामों में उनके पति व बैंक के अन्य कर्मचारी भी जाते हैं, जिससे बैंक के कार्य प्रभावित होते हैं और बैंक को वित्तीय नुकसान भी होता है। उन्होंने कहा कि बैंक की चेयरपर्सन नीलम अहलावत बैंक में आकर ही हलके के कार्यकर्ताओं की समस्या अपने कमरे में सुनती है, जिससे बैंक के कार्य प्रभावित होते हैं। चेयरपर्सन को बैंक कार्य के लिए एक कंम्प्यूटर ऑपरेटर मिला हुआ है, जो हमेशा चेयरपर्सन के साथ उनके कार्यक्रमों में जाता रहता है। इसके अलावा बैंक में नाबार्ड द्वारा जब तक 600 जेएलजी मंजूर किए गए हैं जिनमें से लगभग 400 जेएलजी को लोन मंजूर किए गए हैं और इनमें से लगभग 250 ग्रुप अकेले बेरी हलके में बांट दिए गए। बैंक की कई ब्रांच में एक भी लोन नहीं दिया गया है। उन्होंने चेयरपर्सन के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है।

मुझपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद : चेयरपर्सन
चेयरपर्सन नीलम अहलावत का कहना है कि सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। जिनको भतीजा बताया गया है, वह उनका भतीजा नहीं है। यही नहीं उसे ठेका 2016 से ई टेंडरिंग के जरिये मिला हुआ है। तब वह चेयरपर्सन भी नहीं थी। जहां तक कंप्यूटर ऑपरेशन का सवाल है तो उसका वेतन अधिकारी हाजिरी देखकर निकालते हैं। उसमें चेयरपर्सन का कोई लेना-देना नहीं है। नाबार्ड ने लोन की योजन लागू की है, उसके लिए बैंक की तरफ से टीमें बनाई गई है, जो गांव में जाती है। लोन भी बैंक शाखाओं द्वारा दिया जाता है, जहां जरूरत होती है। उसमें उनका कोई रोल नहीं है।
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वर्जन
निदेशक मंडल की तरफ से ज्ञापन दिया गया है और उसमें अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बैठक की मांग रखी गई है। उसमें उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा। वहां से ही बैठक को लेकर निर्देश जारी होंगे।
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विजय सिंह, महाप्रबंधक, दी झज्जर केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड
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