बहादुरगढ़। भारत की पहली महिला शिक्षिका ज्योति सावित्रीबाई फुले की 127वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया गया। समाज के लोगों के साथ सरिता सैनी ने उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का सारा जीवन महिलाओं के उत्थान मेंं बीता, इसलिए उन्होंने महिलाओं को शिक्षा देने के लिए वर्ष 1848 में भारत में पहली बार स्कूल खोला। उनके प्रयास से समाज में महिलाओं के साथ होने वाली कुप्रथाओं जैसे सतीप्रथा, बाल विवाह, घूंघट प्रथा,का अंत हुआ। आज महिलाओं को समाज में शिक्षा का दर्जा मिलना उन्हीं की बदौलत है। सरिता सैनी ने सावित्रीबाई फुले को भारत रत्न देने की मांग करते हुए उनकी पुण्यतिथि व जन्मदिवस पर सरकारी अवकाश करने की भी मांग की। हरियाणा शिक्षा बोर्ड का नाम भी देश की पहली महिला शिक्षिका के नाम पर रखने की मांग की। साथ ही उनके नाम से विद्यालय, कॉलेज, खोलने की मांग भी की। उनके नाम से मुख्य चौराहों के नाम रखने का आग्रह सरकार से किया। पूर्व पार्षद एवं ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य जसबीर सैनी ने कहा कि जल्दी ही वे प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर उक्त मांगे उनके समक्ष रखेंगे। इस मौके पर अनीता, बाला, वीना, नीलम, पूजा, रामभतेरी, कृष्णा, पूजा, शीतल, नेहा मौजूद रहे।