जींद। गेहूं की कटाई के बाद अवशेष जलाने पर डीसी ने प्रतिबंध लगा दिया है। गेहूं की फसल की कटाई अप्रैल में शुरू हो जाएगी। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि कटाई के बाद कुछ किसान फसल अवशेष को जला देते हैं। इसके कारण वायु प्रदूषण होता है और पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता। अवशेष जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति कमजोर हो जाती है। कई बार अवशेषों में आग लगाने से उत्पन्न धुंए के कारण राजमार्गों पर दुर्घटना भी हो जाती है। खेतों में चर रहे मवेशी भी आग की चपेट में आ जाते हैं। डीसी ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, नई दिल्ली की ओर से फसल अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। डीसी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद