बहादुरगढ़। गांव लडरावन के एक परिवार ने दूध बेचकर अपनी बेटी को पढ़ाते हुए उसके हौसलों को उड़ान देने का काम किया है। बेटी मधु श्रीरमावत पुत्री रमेश कुमार ने अपने लक्ष्य को हासिल करते हुए नीट परीक्षा में सफलता अर्जित की। मधु ने नीट परीक्षा में 720 में से 623 अंक हासिल किए। उन्होंने ऑल इंडिया लेवल पर 16,871 रैंकिंग प्राप्त की। मधु की इस कामयाबी से परिवार, परिचित, रिश्तेदार व ग्रामीणों में खुशी है।
लडरावन गांव निवासी रमेश कुमार पशुपालक हैं और दूध बेचकर अपने घर का गुजारा करते हैं। उनके दो बच्चे हैं जिनमें बड़ी बेटी मधु श्रीरमावत है और छोटा बेटा शुभम है। मधु श्रीरमावत ने 12वीं कक्षा गोल्डन वैली पब्लिक स्कूल बहादुरगढ़ से 94 फीसद अंकों से पास की है। शुरू से उसने डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा के लिए नीट परीक्षा पास करने का ध्येय बनाया हुआ था। मधु ने अपने तीसरे प्रयास में अखिल भारतीय स्तर की नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त कर 16851 रैंकिंग पाई है। मधु श्रीरमावत के पिता रमेश कुमार जहां 11वीं पास हैं और मां सरला 8वीं पास है, लेकिन वह अपने बच्चों के भविष्य को बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। साधारण परिवार से होकर वह उन्हें उसके मुकाम तक पहुंचाने में अपना पूरा सहयोग किया। मधु श्रीरमावत की इस सफलता के पीछे उनकी मां का ज्यादा हाथ रहा है। मां घर के कामकाज के साथ-साथ बेटी की हौसला अफजाई के लिए हमेशा उसे प्रोत्साहित करती रही। नीट परीक्षा में सफल रही मधु श्रीरमावत के दादा जयनारायण, दादी आजाद कौर, ताऊ राकेश कुमार, चाचा सुरेश कुमार समेत ग्रामीणों ने भी बेहद खुशी जताई। मांडौठी स्कूल में शिक्षक के पद पर कार्यरत उनके चाचा सुरेश कुमार ने बताया कि गांव लडरावन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य रवि धनखड़ भी बेटी मधु श्रीरमावत के कॅरिअर को लेकर पूरा मार्गदर्शन करते रहे।