झज्जर। राशलवाला चौक पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को दूसरे दिन भी शांतिपूवर्क ढंग जारी रहा। सोमवार को इनेलो ने भी धरने को समर्थन दिया। इसके अलावा विभिन्न खाप प्रतिनिधि व तपों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे। हालांकि दूसरे दिन धरना स्थल राजनीति रंग में भी नजर आया। धरने में इंडियन नेशनल लोकदल की जिला कार्यकारिणी ने भी जिलाध्यक्ष कर्मबीर राठी के साथ धरना स्थल पर पहुंचकर धरने की समर्थन दिया। वही जाखड़ खाप के प्रधान कश्मीर जाखड़ और छारा 14 तपे के प्रधान मास्टर साहब सिंह ने भी धरने का समर्थन किया है। मास्टर साहब सिंह ने बताया कि जाट 36 बिरादरी को साथ लेकर अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे हवासिंह सांगवान हो या यशपाल मलिक सबका लक्ष्य एक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली बार भी जेलों में बंद युवाओं को छोड़ने और सभी मुकदमे वापिस लेने की बात और मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी और घायलों को मुआवजा देने की मांग मान ली थी। लेकिन कोई भी मांग पूरी नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को जाटों को उकसाना नही चाहिये। मास्टर साहब सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन को छारा तपे का पूरा समर्थन है। वहीं इनेलो जिलाध्यक्ष कर्मबीर राठी ने भी सरकार से जाटों की सभी मांगो को जल्द पूरा करने की मांग की है। राठी ने कहा कि इनेलो धरना दे रहे लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के बीच दिवार खड़ी करने का काम करती है। लेकिन 36 बिरादरी के लोग एकजुट होकर एक साथ धरना दे रहे हैं और उनकी मांगों के साथ है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के धरने के दूसरे दिन धरना स्थल पर महिलाएं भी पहुंची है। जिस तरीके से दूसरे दिन महिलाओं की आमद हुई है और भीड़ बढ़ी है, उससे आने वाले दिनों में धरना स्थल पर समर्थन देने वालों की तादाद भी बढ़ सकती है। वहीं प्रशासन भी धरना स्थल से कुछ दूरी पर हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।