बहादुरगढ़। शहर का एक साइकिल स्टोर संचालक अपनी सूझबूझ से उस समय ठगों का शिकार होने से बच गया, जब उसने ठगों द्वारा साइकिल खरीद की पेमेंट के लिए भेजे स्कैनर को स्कैन नहीं किया। अन्यथा उसे 36 हजार रुपये की चपत लग जाती।
रेलवे रोड पर स्थित साइकिल स्टोर के संचालक मुकेश बंसल ने बताया कि सोमवार की सुबह जब वह दुकान पर पहुंचे तो व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने खुद को आर्मी का जवान संजय बताया। उसने उनके स्टोर से व्हाट्सएप के जरिये अलग-अलग साइकिलों की फोटो मंगवाई और उनमें से तीन साइकिल पसंद करते हुए व्हाट्सएप पर डाली गई लोकेशन पर पहुंचाने की गुजारिश की। वह ठग की बातों में आ गए। उक्त शख्स ने साइकिलों की डिलीवरी देते समय खरीदी गई साइकिलों का भुगतान करने की बात कही। तीनों साइकिलों को एक रिक्शा में लेकर ठग द्वारा बताई गई लोकेशन पर लेकर पहुंचे। वहां पर पहुंचने पर मुकेश ने जब आर्डर देने वाले को फोन किया तो उसने जवाब दिया कि मेरे अधिकारी का फोन आपके पास आएगा। वह आपसे बात करेंगे और आपको ऑनलाइन पेमेंट कर देंगे। उसी दौरान एक अन्य शख्स का फोन उसके (मुकेश) के मोबाइल पर आया। फोन करने वाले ने खुद का नाम मंजीत कुमार बताया और कहा कि, मैं आपके पास एक स्कैनर भेज रहा हूं। आप उसका अपने पेटीएम से स्कैन करें और अपने पेमेंट अमाउंट डाल दें। इसके बाद उनको ठगी होने का आभास हो गया और उन्होंने स्कैनर को स्कैन नहीं किया। वह तत्काल दुकान पर पहुंचे और यह जानकारी आसपास के दुकानदारों को दी।