पासपोर्ट के नाम पर नकली कागजात तैयार करने के मामले में एक पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने बुधवार को एक कैफे के मालिक और उसके दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। विजिलेंस टीम का कहना है कि दोषियों के पास से संबंधित विभाग की नकली मोहर भी बरामद की गई है। पूरे प्रकरण की गंभीरता के साथ जांच की जा रही है।
विभाग की मोहर व इस प्रकार के नकली कागजात आखिर किस प्रकार से उनके पास पहुंचते थे। इसका भी पता लगाया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए विजिलेंस इंस्पेक्टर ओम प्रकाश ने बताया कि सुबह वह किसी विभागीय काम से गुड़गांव गए हुए थे। उनके पास स्थानीय निवासी सन्नी का संबंधित मामले को लेकर फोन आया। सन्नी ने कहा कि पासपोर्ट के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पालिका बाजार स्थित साइबर कैफे के मालिक विकास ने चार हजार रुपये फीस मांगी। सन्नी ने कहा कि इस तय राशि से 2500 रुपये की राशि पहले ही दलाल मोहित के कहने पर उसे दे चुका था। बची हुई 1500 रुपये की राशि अभी बकाया थी। गुड़गांव से लौटने के बाद मामले पर कार्रवाई करते हुए करते हुए इसकी सूचना रोहतक आलाधिकारियों को दी गई।
विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता सन्नी को 1500 रुपये की राशि पर अपने साइन करके व उन पर फिनोल पैथालीन पाउडर डालकर आरोपियों को देने के लिए दे दिए। मामले पर संज्ञान लेते हुए टीम सदस्य नायब तहसीलदार जगदीश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट व गवाह कानूनगो सुभाष के साथ संबधित साइबर कैफे पहुंचे। जहां सन्नी ने पाउडर लगे 1500 रुपये विकास को देकर उससे अपना जन्म प्रमाण पत्र मांगा। विकास उक्त राशि लेते हुए जन्म प्रमाण पत्र उसे दे दिया। विजिलेंस टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की एवज में 1500 रुपये की रिश्वत लेते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। विकास साइबर कैफे से जन्म प्रमाण पत्रों संबंधित कुछ अन्य दस्तावेज भी पाए गए हैं। मामले की गंभीरता के साथ जांच की जा रही है।
-ओमप्रकाश विजिलेंस इंस्पेकटर।