प्रॉपर्टी डीलर एवं फाइनेंस का काम करने वाले एक युवक की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में उसके शव को निजी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। वारदात की सूचना पर थाना शहर पुलिस में भी हड़कंप मच गया। रुपयों के लेन-देन के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
पुलिस की चार टीमों ने हमलावरों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए। मृतक के कुछ साथियों पर हत्या किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में कई संभावित स्थानों पर पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मांडोठी निवासी दीपक (22) कुछ वर्षों से अपने साथियों के साथ मिलकर फाइनेंस और प्रॉपर्टी के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। उन्होंने शहर के महावीर मंदिर के नजदीक कार्यालय खोला हुआ था। अक्सर इसी कार्यालय में बैठकर वह लेन-देन संबंधित काम भी करता था। दीपक के पिता महिपाल ने बताया कि वह अक्सर सुबह ही ऑफिस आ जाता था और देर शाम घर पहुंचता था।
बुधवार को वह अपने बेटे के कार्यालय पर आया हुआ था। उसके साथ काम करने वाला एक युवक उसे हिसार ले जाने की बात कहकर दोपहर बाद निकला था, लेकिन उसके बाद दीपक का कोई पता नहीं चला। रात को किसी ने बताया कि किसी ने उसके बेटे दीपक के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी और उसके शव को बस स्टैंड के नजदीक एक निजी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए।
बताया गया है कि जिस गाड़ी से दीपक को अस्पताल तक लाया गया, वह वरना गाड़ी थी। ऐसे में पुलिस ने नंबर के आधार पर अपनी जांच को बढ़ा दिया है। वारदात की सूचना मिलने पर डीएसपी धीरज कुमार, थाना शहर एसएचओ विष्णु प्रसाद के अलावा अन्य पुलिस अधिकारी और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। वीरवार को पुलिस ने नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों के हवाले कर दिया।
पैसों के लेन-देन को लेकर जांच में जुटी पुलिस
परिजनों का आरोप है कि दीपक ने अपने कुछ साथियों को 15 लाख से अधिक रुपये दिए हुए थे, लेकिन उसके साथी उक्त रुपयों को देने में आनाकानी कर रहे थे। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि उक्त रुपयों के चलते ही उसे मौत के घाट उतारा गया है। थाना शहर पुलिस ने भी पैसों के लेन-देन को लेकर ही जांच को आगे बढ़ा दिया है। उसके साथ मिलकर कौन-कौन युवक काम करते थे और किन लोगों का अक्सर उनके पास आना-जाना था, इसको लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
खंगाल रहे सीसीटीवी फुटेज
प्रॉपर्टी डीलर दीपक हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस उस अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, जहां पर उसके लेकर आए और उसके शव को अस्पताल में ही छोड़कर भाग गए। यह वाक्या देर रात हुआ है। पुलिस दिल्ली-रोहतक रोड पर लगे अन्य सीसीटीवी के माध्यम से भी सुराग जुटाने में लगी है। जिस वरना गाड़ी का नाम सामने आया है, उसके बारे में भी पुलिस छानबीन कर रही है।
तीन भाइयों में था मंझला
दीपक तीन भाइयों में मंझला था और अभी अविवाहित ही था। उसका बड़ा भाई केंद्र में कार्यरत है तो दीपक प्रॉपर्टी और फाइनेंस के तौर पर काम करता था, जबकि उससे छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। उसकी एक बड़ी बहन भी है, जो कि शादीशुदा है। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर वीरवार को दीपक के परिवार, गांव के अलावा काफी अन्य परिचित लोग मौजूद रहे और उसके साथ रहने वाले कुछ साथियों पर ही हत्याकांड को अंजाम देने के आरोप लगाते रहे।