शहर से लगे हुए गांव सांखोल में मनी ट्रांसफर ऑफिस से तीन युवक हथियार के बल पर लगभग चार लाख रुपये कैश लूट कर फरार हो गए। पांच महीने में इस ऑफिस की यह दूसरी घटना है।
सूचना पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज को खंगालते हुए जांच शुरू कर दी। आरोपियों की धर पकड़ के लिए नाकेबंदी भी की गई। हालांकि देर रात तक लुटेरों का सुराग नहीं लग पाया था।
मनी ट्रांसफर ऑफिस संचालक सुरेंद्र ने बताया कि उन्होंने सेक्टर-6 की तीसरी पुलिया के नजदीक स्मार्ट शॉप के नाम से मनी ट्रांसफर ऑफिस खोल रखा है।
शनिवार को वह दिल्ली में अपने किसी रिश्तेदार के घर कार्यक्रम शरीक होने गया था। आफिस में उसका भाई सूरज व पड़ोसी मनीष बैठे हुए थे। रात करीब पौने 9 बजे बाइक पर सवार होकर तीन युुवक ऑफिस में आए।
दोनों युवकों ने हेलमेट पहना था तो वहीं एक ने मुंह पर रुमाल बांध रखा था। सुरेंद्र का आरोप है कि तीनों के हाथों में हथियार थे। उन्होंने पिस्तौल दिखाकर दोनों युवकों को डरा धमकाकर रखा हुआ लगभग चार लाख रुपये का कैश लूट लिया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
पीड़ित ने बताया कि तीनों युवक बाइक पर सवार होकर भाग गए। सुरेंद्र का कहना है कि जब वह घर से ऑफिस की तरफ आ रहा था तो बाइक पर सवार तीन युवकों में से एक युवक को उन्होंने काले रंग की कार में भाग कर बैठते हुए देखा। बता दें इससे पहले भी इसी आफिस को 15 अगस्त को लुटेरों ने निशाना बनाया था।
कार्यालय के बाहर से वे दो लाख 55 हजार रुपये छीनकर फरार हो गए थे। इस घटना का अभी तक खुलासा नहीं हुआ कि फिर से आफिस को निशाना बनाया गया।
शनिवार की देर शाम हुई इस वारदात से पुलिस में हड़कंप मचा रहा। जानकारी मिलने पर डीएसपी सुरेश कुमार, थाना शहर प्रभारी रणधीर सिंह, एसओजी प्रभारी सतीश कुमार, चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह सहित अन्य पुुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों ने यहां लगे सीसीटीवी की फुटेज को भी खंगाला। बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज में तीनों युवकों के हाथ में हथियार दिखाई दे रहे हैं।
जिस नंबर की काले रंग की कार का सुरेंद्र ने जिक्र किया है उस नंबर की कोई काली कार नहीं मिली। डीएसपी सुरेश कुमार का कहना है कि इस घटना की गहन जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास है। पुलिस कई पहलुओं का लेकर मामले की जांच कर रही है।
वीरेंद्र, चौकी इंचार्ज