जिले में लूटपाट और चोरी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही। पुलिस प्रशासन लगातार अपराध पर रोक लगाने के दावे कर रहा है। लेकिन चोर और लुटेरे घटनाओं को अंजाम दे आसानी से फरार हो जाते हैं। शुक्रवार रात को चोर गांव बाकरा के दो घरों में लाखों चोरी की वारदात को अंजाम दे फरार हो गए। पीड़ितों द्वारा सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया।
पुलिस को दी शिकायत में बाकरा गांव वासी पीड़ित सतीश ने बताया कि वे शुक्रवार की रात करीब 10 बजे घर के सभी दरवाजे बंद करके छत पर सो गए थे। शनिवार सुबह उठकर देखा तो घर के दरवाजे खुले मिले और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे, घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। जब उन्होंने जांच की तो पाया की अलमारी में रखी करीब एक लाख 50 हजार की नकदी गायब है। साथ ही करीब आधा किलो चांदी के सिक्के भी नहीं थे। इसके अलावा अन्य घरेलू आभूषणों पर भी चोर हाथ साफ कर गए। पीड़ित सतीश ने बताया कि उसने घरेलू काम के लिए डेढ़ लाख रुपये इकट्ठे करके घर में रखे थे और उसके भाई को कंपनी में काम करने पर मिले चांदी के सिक्के और औरतों के सोने के आभूषण, घर में बनी लोहे की अलमारी में रखे थे। जोकि चोर ले गए।
केस नंबर-2
वहीं चोर इसी रात बाकरा गांव के ही एक अन्य मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दे गए। पीड़ित राजबीर कुमार ने बताया कि वह परिवार के साथ रात करीब 10 बजे सोने के लिए छत पर चला गया था। सुबह उठने पर देखा तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। घर के सभी कमरों के दरवाजे खुले पड़े मिले और बक्से का ताला टूटा हुआ था। राजबीर ने बताया कि चोर बक्से से करीब 50 हजार की नगदी सहित जेवर चोरी कर ले गए। जबकि घर का काफी सामान बिखरा मिला।
केस नम्बर 3
तीसरे मामले में गांव बाकरा निवासी रिसाले ने बताया के वीरवार की रात उसके प्लाट से भैंस चोरी हो गई। पीड़ित ने बताया कि वह रोजाना शाम को पशुओं को घर के साथ बने प्लाट में बांधता था। रोजाना की तरह वीरवार की रात भी उसने पशु प्लाट में बांधे थे। शुक्रवार सुबह देखा तो प्लाट का गेट खुला मिला और भैंस नहीं मिली। जिसकी सूचना पुलिस को दे रखी है।
छह माह पूर्व में भी लग चुकी है सेंध
गांव बाकरा में ही करीब 6 महीने पहले देर रात को इसी प्रकार से तीन घरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। जिसमें चोर नगदी सहित लाखों के जेवरों पर हाथ साफ कर गए थे। जिसकी शिकायत पीड़ित कृष्ण नंबरदार ने पुलिस को दी थी। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच पाई। बार-बार पुलिस के चक्कर काटने के बावजूद पीड़ितों को आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
वर्जन
पीड़ितों की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट ले लिए हैं। जल्द मामलों को ट्रेस कर लिया जाएगा।
दयाचंद, एसएचओ, बेरी थाना।