हाईटेंशन तारों से हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे। एक के बाद एक दुर्घटनाएं हो रही हैं। शनिवार को भी झज्जर रोड के समीप एक व्यक्ति इन खतरनाक तारों की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इस घटना से शहर के लोगों में रोष है।
गांव दुल्हेड़ा का निवासी करीब 50 वर्षीय रामनिवास शनिवार को झज्जर रोड के साथ बसी कॉलोनी देव नगर में किसी के यहां उपले उतारने आया था। जब वह उपले उतारने लगा तो हाईटेंशन तारों ने उसे खींच लिया। करंट से वह बुरी तरह झुलस गया। लोग उसे रोहतक रोड स्थित ट्रॉमा सेंटर लाए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। उसके हाथ, कंधे, गर्दन और पांव पर चोटें आई हैं। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, इसी स्थान पर पहले तीन हादसे हो चुके हैं, जिनमें दो लोगों की तो जान जा चुकी है।
महीनेभर में चौथा हादसा
हाईटेंशन लाइनों के कारण एक महीने के भीतर ही चार हादसे हो चुके हैं। इन हादसों में चार लोगों की मौत हुई है तो चार लोग झुलस गए हैं। 13 अगस्त को बैंक कॉलोनी निवासी कविता बाईपास पर हाईटेंशन की चपेट में आ गई थी। बुरी तरह से झुलसी कविता तीन-चार दिन जूझने के बाद जिंदगी की जंग हार गई थी। एक सितंबर को नजफगढ़ रोड पर हेल्थ क्लब (जिम) का होर्डिंग लगाते वक्त पांच युवक चपेट में आए थे। इनमें तीन नितिन, रोहित और सागर की मौत हो गई थी, जबकि सुनील और साजन घायल हो गए थे। इस हादसे के अगले ही दिन इसी जगह एक बिजलीकर्मी झुलस गया था और शनिवार को देव नगर में दुल्हेड़ा निवासी रामनिवास झुलस गया।
कई हादसे हुए
हाईटेंशन लाइनों से छोटे-बड़े सैकड़ों हादसे हो चुके हैं। कई लोगों की जान चली गई तो काफी लोग अपने अंग तक खो चुके हैं। कुछ वर्षों पहले फ्रेंड्स कॉलोनी में दिल्ली पुलिस के एक जवान की मौत हो गई थी, तो जीत आर्य स्कूल में बोर्ड परीक्षा के दौरान ड्यूट दे रहे हरियाणा पुलिस के एक जवान की भी मौत हुई थी। सालभर पहले नेहरू पार्क में छत पर खड़े एक कारपेंटर को लाइन ने चपेट में ले लिया था, जिससे उसकी मौत हुई थी। धर्म विहार में भी कुछ महीने पहले इसी वजह से एक की जान चली गई थी। झज्जर रोड स्थित छोटूराम पार्क में एक युवक और एक बच्चा इन मौत रूपी लाइनों की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे।