वर्ष 2012 में बिजली का मीटर बदलने की एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए एसडीओ को कोर्ट ने दो वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि बादली के पॉवर हाऊस में बतौर एसडीओ कार्यरत रहे राजकुमार एसडीओ के खिलाफ वर्ष 2012 में दिल्ली निवासी परमिंदर ने शिकायत दी थी कि क्षेत्र में ही उसकी खेती की जमीन है। जिसमें ट्यूबवेल भी लगा हुआ है। शिकायत के अनुसार उक्त एसडीओ पर आरोप लगाया गया था कि उसके ट्यूबवेल का चोरी हुआ बिजली का मीटर लगाए जाने की एवज में एसडीओ राजकुमार फौजदार उससे पांच हजार की रिश्वत की मांग कर रहा है।
इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस विभाग की टीम ने एसडीओ को पांच हजार रुपये की रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। वीरवार को इसी मामले में आरोपी एसडीओ को दोषी करार देते हुए माननीय जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने धारा सात में दो वर्ष की जेल व पांच हजार रुपये जुर्माना और धारा 13 में भी दो वर्ष की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि दोषी ठहराए गए एसडीओ राजकुमार ने जुर्माने के दस हजार रुपये की राशि मौके पर अदालत में जमा करवा दी है।