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दर्द से बिलखती रही गर्भवती, नहीं मिले चिकित्सक

Sat, 01 Oct 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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डॉक्टर - फोटो : bureau
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कस्बे में स्थित सीएचसी में शुक्रवार सुबह एक गर्भवती महिला दर्द से बिलखती रही, लेकिन कोई भी चिकित्सक और स्टाफ नर्स मौजूद न होने से महिला को इलाज नहीं मिल सका। बाद में महिला का पति और परिजन उसे निजी अस्पताल में लेेकर गए। परिजनों के मुताबिक, काफी देर बाद पहुंची एएनएम ने भी गर्भवती महिला का इलाज करने से मना कर दिया।
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बादली गांव में बनी सीएचसी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी है। चिकित्सक की कुर्सियां 11 बजे तक खाली रहती हैं। अधिकारियों के संज्ञान में लेट-लतीफी की शिकायत लाने पर भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। शुक्रवार को तो उस समय हद हो गई गई, जब पेलपा गांव से युवक अपनी पत्नी को पेट दर्द के चलते इलाज के लिए लेकर पहुंचा। आरोप है कि अस्पताल में 9 बजकर 30 मिनट तक न तो कोई कोई नर्स मौजूद थी और न ही कोई महिला चिकित्सक। महिला के पति ने वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों से इलाज की गुहार लगाई, लेकिन वहां मौजूद सफाई कर्मचारियों ने साढ़े 10 बजे तक इंतजार करने की सलाह दी। कर्मचारियों ने बताया कि इससे पहले कोई महिला चिकित्सक और एएनएम सीएचसी में नहीं आएंगी। ऐसा सुनने के बाद महिला के परिजन महिला को निजी अस्पताल में लेकर चले गए। वहीं बाद में एक एएनएम ने देरी से आने के बाद अपना पल्ला झाड़ते हुए बताया कि महिला सात माह से गर्भ से थी, जिसका इलाज सीएचसी में नहीं किया जाता है।
अधिकारी बोली
वहीं, सीएचसी एसएमओ संगीता खुराना का कहना है कि वह शुक्रवार को छुट्टी पर थी और उनकी गैरहाजिरी में अक्सर चिकित्सक लापरवाही बरतते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज न देना दुखदायी है। मैं इस मामले में अस्पताल में चिकित्सक और एएनएम से बातचीत करूंगी। साथ ही उन्होंने बताया कि सात माह से गर्भवती महिला का इलाज तो अस्पताल में किया जाता है, लेकिन प्री मैच्योर डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके लिए रेफर किया जाता है।
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