विजिलेंस टीम ने बेरी तहसील के एक पटवारी को इंतकाल दर्ज कराने के नाम 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दूबलधन निवासी पवन की शिकायत पर की गई। आरोपी पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बेरी तहसील में पटवारी को रिश्वत के आरोप में पकड़ने का यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी पटवारी और आरसी क्लर्क रिश्वत के मामले में पकड़े जा चुके हैं।
बेरी के गांव दूबलधन के पाना बिध्याण के पवन कुमार को अपनी जमीन का इंतकाल दर्ज कराना था। इस इंतकाल को दर्ज करने के लिए पहले तो बेरी कार्यालय में कार्यरत सुभाष पटवारी ने मना कर दिया, लेकिन बाद में उसने पवन से इस इंतकाल को दर्ज करने की एवज में 40 हजार की रिश्वत मांगी थी। इसी से परेशान होकर पवन ने पटवारी सुभाष से रिश्वत की रकम का सौदा तय कर इसकी सूचना विजिलेंस टीम को दे दी। सूचना मिलते ही टीम ने आरोपी पटवारी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके लिए झज्जर की तहसीलदार नेहा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया। योजना के मुताबिक
शिकायतकर्ताओं ने शनिवार को पटवारी सुभाष से संपर्क किया। सुभाष ने रिश्वत की रकम लेने के लिए शिकायतकर्ताओं को अपने सहायक ज्ञानचंद के यहां बुला लिया। जैसे ही सहायक के घर बैठे पटवारी सुभाष ने रिश्वत की यह रकम शिकायतकर्ताओं के हाथ से ली, उसी समय इशारा मिलते ही विजिलेंस टीम मौके पर पहुंच गई और रिश्वत की ली हुई 40 हजार की रकम को आरोपी की जेब से बरामद कर लिया। बाद में आरोपी पटवारी का मेडिकल कराया गया। आरोपी को रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
इंतकाल दर्ज कराना था पवन को
शिकायतकर्ता पवन ने बताया कि उसे अपनी मां के नाम का इंतकाल दर्ज कराना था। पवन ने दूबलधन पान्ना बिध्याण के पटवारी सुभाष से संपर्क किया। इस पर पटवारी सुभाष ने पवन से इंतकाल दर्ज करने की एवज में 40 हजार रुपये की मांग की थी। इसी को लेकर पवन पिछले कई दिनों से पटवारी सुभाष के चक्कर लगा रहा था। शिकायतकर्ता ने झज्जर विजिलेंस कार्यालय में संपर्क किया और शनिवार को छुट्टी का दिन होने के कारण भी पटवारी से बात की गई। बेरी तहसील कार्यालय पहुंचकर पटवारी से फोन पर संपर्क किया गया। इस पर पटवारी ने कहा कि तुम वहीं रुको, मैं सहायक को भेज रहा हूं और थोड़ी देर बाद पटवारी सुभाष का सहायक तहसील कार्यालय पहुंचा और दूबलधन निवासी पवन को अपने साथ पटवारी के पास ले आया। जैसे ही पवन ने पटवारी सुभाष को रुपये थमाए तो तुरंत विजिलेंस टीम ने धर दबोचा। टीम ने आरोपी पटवारी सुभाष के हाथ धुलवाए तो लाल हो गए।
बेरी तहसील कार्यालय में बेरी क्षेत्र के 24 गांवों का रिकॉर्ड ऑनलाइन है। 14 गांवों का रिकॉर्ड आनलाइन होना बाकी है और दूबलधन पाना बिध्याण के पटवारी सुभाष को इंतकाल दर्ज की एवज में 40 हजार की रिश्वत में रंगे हाथों पकड़ा गया है।
कवंल सिंह, तहसीलदार बेरी
बेरी के गांव दूबलधन पाना बिध्याण के पवन ने शिकायत दी थी कि सुभाष पटवारी इंतकाल दर्ज कराने की एवज में 40 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा है और तुरंत कार्रवाई करते हुए झज्जर तहसीलदार नेहा सहारण को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया और जाल बिछा कर पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया और आरोपी सुभाष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस इंस्पेक्टर ओमप्रकाश भारद्वाज ने बताया कि फिलहाल उनके पास नारनौल का चार्ज है और शनिवार को झज्जर का चार्ज संभलवाने के लिए आए हुए थे। उसी दौरान गांव दूबलधन के शिकायतकर्ता कार्यालय में आए हुए थे और मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
ओमप्रकाश भारद्वाज, विजिलेंस इंस्पेक्टर नारनौल