अनेक संगीन वारदातों को अंजाम देने वालेगांव नूना माजरा के बदमाश अनिल पहलवान उर्फ गंजा के मकान को पुलिस ने शनिवार को जिला प्रशासन की मदद से जमींदोज कर दिया। यह मकान गांव में पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाया गया था। यह मकान करीब 567 गज जमीन में था। अनिल गंजा फिलहाल झज्जर की दुलीना जेल में बंद है।
डीएसपी अरविंद दहिया ने बताया कि पुलिस ने आरोपी की संपत्ति की जांच की थी। जिससे पता लगा कि उसने यह मकान पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाया था। यहां दो मंजिला मकान और उसकी बड़ी चहारदीवारी बनाई गई थी। बदमाश इस मकान का प्रयोग अपने पारिवारिक सदस्यों के लिए और क्षेत्र में दबदबा बनाने के लिए करता था।
अवैध निर्माण हटाने की कार्यवाही के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट व तहसीलदार बहादुरगढ़ की मुख्य मौजूदगी में सदर थाना बहादुरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार, बीडीपीओ बहादुरगढ़, पटवारी और थाना व चौकी के पुलिस जवान मौजूद रहे और उसे जमींदोज कर दिया गया।
दहिया ने बताया कि दोषी अनिल गंजा के खिलाफ दिल्ली व हरियाणा में हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण, फिरौती/रंगदारी के कई मुकदमे दर्ज हैं। दिल्ली व हरियाणा पुलिस ने उसको पकड़ने के लिए एक-एक लाख रुपये के इनाम भी घोषित किए थे। वर्ष 2018 में दिल्ली से पैरोल पर आकर वह फरार हो गया था और फरार होकर वह अपनी पत्नी व बच्चे के साथ देहरादून पहुंच गया था।
देहरादून में किराए के मकान में अपनी पहचान छुपाकर अपनी पत्नी व बेटी के साथ रह रहा था। पुलिस ने फरवरी 2020 में उसको गिरफ्तार कर लिया था। डीएसपी अरविंद दहिया ने बताया कि अनिल उर्फ गंजा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अनेक वारदातें कीं।
रोहतक में सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर सहित कई संगीन वारदातों को दिया था अंजाम
बहादुरगढ़। डीएसपी ने बताया कि रोहतक में रिटायर्ड पुलिस इंस्पेक्टर रामकिशन दहिया और अपने विरोधियों की हत्या में वह आरोपी है। अपहरण व अन्य संगीन वारदातों के कुख्यात दोषी अनिल ने सबसे पहले कार लूट की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद अनेक वारदात कीं। उसके खिलाफ दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक और बहादुरगढ़ में 14 केस दर्ज हैं।
वर्ष 2011 में अनिल पहलवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के रामलाल आनंद कॉलेज से एक विद्यार्थी को उसकी कार समेत अगवा कर एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूली थी। वर्ष 2011 में बहादुरगढ़ में पीडीएम युनिवर्सिटी के लेक्चरर को अगवा कर 20 लाख रुपये की फिरौती वसूलने, प्रशान्त विहार दिल्ली में एक कपड़ा व्यापारी के पुत्र को वैंटो कार सहित सेक्टर-22 रोहिणी से अगवा कर एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने, वर्ष 2011 में ही अनिल के साथी मनोज मोरखेड़ी की मौसी के लड़के की इंसपेक्टर रामकिशन दहिया के साथ मुठभेड़ में मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी।
भाई की मुठभेड़ का बदला वर्ष 2013 में अनिल पहलवान व मनोज मोरखेड़ी ने रोहतक सिटी में रिटायर्ड इंसपेक्टर रामकिशन दहिया की हत्या कर के लिया था। उसने गांव में ही रंजिश के कारण अनिल पहलवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर सरपंच देवेंद्र की हत्या की। वर्ष 2012 में अनिल पहलवान ने अपने ही गांव नूना माजरा में रंजिश के कारण सतीश उर्फ काणा की हत्या की थी।
वर्ष 2013 में बहादुरगढ़ में राम गैस एजेंसी के मालिक से फिरौती वसूली। 2014 में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अनिल पहलवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वर्ष 2017 तक जेल में ही रहा। वर्ष 2017 में पैरोल पर छूटते ही बहादुरगढ़ में एक डिस्को वाले से 50 लाख रंगदारी मांगी थी, जिसमें उसे गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
वर्ष 2018 के अंत में अनिल पहलवान पुन: पैरोल पर आकर फरार हो गया था। अनिल पहलवान व इसके गैंग की बढ़ती दु:साहसिक वारदातों के चलते दिल्ली पुलिस ने अनिल व इसके गैंग के सदस्यों पर मकोका लगा दिया था।