लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में रविवार को प्रदेश मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में जिले में पहली जल पंचायत का आयोजन हुआ। जल पंचायत में बादली हलके के ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला परिषद व ब्लॉक समिति के सदस्यगण ने सिंचाई व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में ग्राम स्तर पर जल संसाधनों को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से रूबरू होते हुए उन्हें जल संरक्षण के प्रति संजीदगी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई आबादी व नगरीकरण के साथ पानी की जरूरतें बढ़ रही हैं परंतु पानी की एक बूंद भी नहीं बढ़ाई जा सकती।
ऐेसे में जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और पुनर्भरण बेहतर टेक्नोेलॉजी के साथ बेहतर प्रबंधन एकमात्र उपाय है। उन्होंने बताया कि मनुष्यों के लिए पेयजल की उपलब्धता के साथ ही पशुधन के लिए पानी मुहैया कराना और उसके साथ ही सिंचाई के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार पुरजोर प्रयासरत है और मास्टर प्लान तैयार करते हुए विभागीय स्तर पर पूरी रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज जल संरक्षण के प्रति हमें चिंतन की जरूरत है और जल बचाव की दिशा में हर शख्स की सक्रिय भूमिका है। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को 23 अप्रैल को गोहाना में होेने वाले पंच/सरपंच सम्मेलन में पहुंचने का न्यौता भी दिया।
इस अवसर पर एसडीएम झज्जर पंकज सेतिया, सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर राजीव बंसल, जगमोहन, सिंचाई विभाग के एसई सुरेश यादव, कार्यकारी अभियंता एसपी गर्ग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता आर.पी. वशिष्ठ, विक्रम मोर सहित जिला परिषद के चेयरमैन परमजीत सौलधा, वाइस चेयरमैन योगेश सिलानी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
सिंचाई विभाग ने डेढ़ वर्ष में खर्च किए 63 करोड़ रुपये
प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि मौजूदा सरकार ने अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में नहरी विभाग के माध्यम से झज्जर जिले में 63 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और उसमें से बादली हलके के गांवों में नहरी पानी की उपलब्धता के लिए 20 करोड़ 36 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है।
पूर्व सरकार ने 10 साल में किए थे 157 करोड़ रुपये खर्च
इस बारे में कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के 10 साल के कार्यकाल में पूरे जिले में नहरी विभाग ने 157 करोड़ रुपये ही खर्च किए थे और उसमें से बादली हलके में 40 करोड़ रुपये के नहरी विभाग से संबंधित कार्य कराए गए।
जिले में सिचाई विभाग के लिए 77 करोड़ क ा एस्टीमेट पास
ओपी धनखड़ ने कहा कि भाजपा सरकार में सिंचाई विभाग की ओर से जिले 77 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जिसमें से बादली हलके में साढ़े 47 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी।
बाढ़ नियंत्रण के लिए भी जिले का बजट 37 करोड़ 14 लाख रुपये रखा गया है और उसमें से बादली हलके का बजट 17 करोड़ है। ऐसे में सरकार जिले के अंतिम छोर तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए कृत संकल्प है।
मनरेगा के तहत काम करवाने से घटेगी बेरोजगारी
प्रदेश मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सरकार की ओर से क्रियांवित हो रही योजनाओं का लाभ जरूरतमंद तक पहुंचाने में सक्रियता बरतें। उन्होंने कहा कि धैर्य और लगन के साथ गांव में विकास कार्य करवाएं और गुणवत्ता के साथ किसी भी रूप से समझौता न होने देें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत गांव में विकास कार्य अधिक से अधिक कराए जाएं, जिससे बेरोजगाराें को रोजगार तो मिलेगा ही वहीं गांव में विकास कार्य भी तत्परता से पूरे होंगे।