शहर के माडल टाउन निवासी कैलाश गुप्ता ने पुलिस को शिकायत देकर रीयल इस्टेट कंपनी ओमैक्स पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि फ्लैट का पूरा पैसा लेने के बावजूद कंपनी ने अब तक उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं दिया है। कैलाश गुप्ता ने ओमैक्स लि. से अलॉट किया गया फ्लैट तुरंत देने की मांग की है।
बुधवार को गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 2006 में ओमैक्स सिटी बहादुरगढ़ में फ्लैट बुक करवाया था। कंपनी की तरफ से उन्हें अपनी सियर्स टावर में दो कमरे का 202 नंबर फ्लैट देना तय हुआ था। इसके लिए 2007 में कंपनी ने एग्रीमेंट लेटर भेजा जो उन्होंने तय अवधि 15 दिन के अंदर भरकर कंपनी में जमा करवा दिया था। उसके बाद कंपनी ने 24 महीने की समय सीमा के अलावा छह माह बढ़ाई गई समय सीमा तक भी उनका एग्रीमेंट साइन करके वापस नहीं भेजा। तो उन्होंने कंपनी को दी जाने वाली किश्त रोक दी। इसके बाद 2010 में उन्हें एग्रीमेंट मिल गया, जिसके बाद उन्होंने कंपनी द्वारा मांगी गई किश्तों का तय ब्याज सहित भुगतान कर दिया।
इस बीच कंपनी ने 2008 में दीपावली से पहले पत्र भेजकर 2009 तक फ्लैट पर कब्जा देने का आश्वासन भी दिया। गुप्ता का कहना है कि वर्ष 2013 में उन्होंने सभी किश्तों का नियमानुसार पूरा भुगतान कर दिया, मगर उन्हें फ्लैट अब तक नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि एग्रीमेंट के मुताबिक, फ्लैट नंबर 202 के सामने ग्रीन एरिया होना चाहिए, लेकिन अब कंपनी ने उस स्थान पर क्लब व दुकानें बना कर बेच दी हैं। गुप्ता ने परेशान होकर डीएसपी बहादुरगढ़ को मामले की शिकायत दी है। डीएसपी ने सेक्टर-6 चौकी पुलिस को मामले की जांच करने को कहा है।
ओमैक्स ने निराधार बताए सभी आरोप
कंपनी प्रवक्ता ने कैलाश गुप्ता के सभी आरोप बेबुनियाद बताए हैं। बातचीत में प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष-2013 में कंपनी ने ग्राहक को फ्लैट पर पजेशन लेने और रजिस्ट्री कराने को कहा था, लेकिन उन्होंने रुचि नहीं दिखाई। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ग्राहक गुप्ता चाहें तो बृहस्पतिवार को भी आकर फ्लैट पर कब्जा ले सकते हैं। कई बार रिमाइंडर भी भेजे गए, जो इस प्रकार हैं।
पहला लेटर : 09-01-2013 को
दूसरा लेटर : 06-04-2013 को
तीसरा लेटर : 13-08-2013 को
चौथा लेटर : 10-03-2014 को
पांचवां लेटर : 08-07-2014 को