लाइनपार के बहराणिया बस्ती में एक युवक की गोली मारने के बाद गला रेतकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद से ही बस्ती में सनसनी फैल हुई है। वहीं, गुस्साए परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव न लेने से इंकार कर दिया है। ट्रॉमा सेंटर में डीएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारी गुस्साए परिजनों को समझाने में लगे रहे। पोस्टमार्टम होने के बाद भी परिजनों ने कई घंटों तक शव नहीं उठाया तो बार-बार पुलिस अधिकारी उन्हें समझाते रहे, लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
पटेल पार्क निवासी सुरेंद्र उर्फ बनवारी (32) शहर के झज्जर रोड स्थित एक सिनेमा हाल में काम करता था। वीरवार को वह अपनी पत्नी व बच्चों के साथ साले दिनेश की शादी की सालगिरह में 22 फुटा रोड के नजदीक अशोक विहार कॉलोनी में गया हुआ था। रात 10 बजे सुरेंद्र खाना खाकर किसी कार्य के लिए जाने की बात कहकर वहां से निकल गया। उसकी पत्नी व बच्चों को साला दिनेश उसके बाद घर छोड़कर आया। देर रात तक जब सुरेंद्र घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने उसके पास फोन किया, लेकिन काल रिसीव नहीं हुई।
सुबह करीब 6 बजे फिर से फोन किया तो फोन किसी पुलिसकर्मी ने उठाया और घटनास्थल पर आने के लिए कहा। जिसके बाद उसके दोनों साले मिंटू, दिनेश, मृतक का बड़ा भाई राजेंद्र व परिवार के अन्य सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे। सुरेंद्र का शव देखते ही उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसके गले के दोनों ओर तेजधार हथियारों से वार किए गए हुए थे। जिससे गहरा घाव भी बना था।
मृतक के साले दिनेश ने बताया कि जहां पर वारदात को अंजाम दिया गया है वहां उसके जीजा का एक प्लॉट भी है। उसके पास रहने वाले कुछ लोगों ने ही रंजिशन उसकी हत्या की है और बाद में वे मौके से फरार हो गए। मृतक के परिवार के सदस्यों ने डीएसपी धीरज कुमार समक्ष गुहार लगाई कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि पूर्व में भी सुरेंद्र के साथ कई बार झगड़ा कर चुके हैं। मृतक दो बच्चों का पिता था।
सुरेंद्र उर्फ बनवारी की हत्या से परिजन व उनके साथ आए लोगों में रोष देखने को मिला। परिजन पहले तो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद पोस्टमार्टम के लिए कागजी कार्रवाई पर अड़े रहे, लेकिन बाद में किसी तरह से उन्हें समझाया गया तो पोस्टमार्टम होने के बाद उन्होंने तब तक शव उठाने से इंकार कर दिया जब तक आरोपियों को पकड़ नहीं लिया जाता।
ऐसे में डीएसपी सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम ट्रॉमा सेंटर में मौजूद रही। किसी तरह की कोई अप्रिय स्थिति न बने इसको लेकर वे गुस्साए परिजनों को समझाने में लगे रहे, लेकिन उनके समझाने के बाद भी न मानने पर पुलिस के भी हाथ पांव फूलते दिखे।
एक्स-रे से पता चला मारी थी गोली
जब पोस्टमार्टम के लिए शव सिविल हॉस्पिटल में लाया गया तो डॉक्टरों ने जांच के दौरान मामला कुछ संदिग्ध नजर आया। इस पर एक्स-रे करवाया गया तो कनपटी के नजदीक शरीर के अंदर ही एक गोली धंसी हुई मिली। गोली किस हथियार की थी इसे लेकर पुलिस अधिकारी जांच में जुटे रहे।
आरोपी होंगे सलाखों के पीछे
हत्याकांड के पीछे क्या वजह रही है यह तो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट होगा। जो भी इस वारदात में शामिल रहा है उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। हर हाल में वे सलाखों के पीछे होंगे। जिन पर शक जताया गया है उनको पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं। शव परिजनों के हवाले कर दिया गया।
-धीरज कुमार, डीएसपी बहादुरगढ़।
रेलवे स्टेशन के सामने गोली मारकर युवक की हत्या, दो हुए घायल
बहादुरगढ़। शहर के लाइन पार क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के सामने थाने से थोड़ी ही दूरी पर शुक्रवार रात धड़ाधड़ गोलियां चलीं। सरेआम हुई इस वारदात में एक युवक को कई गोलियां लगने से उसकी मौत हो गई और दो घायल हो गए। घायलों को पहले सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया।
व्यस्त रास्ते में हुई वारदात
रेलवे स्टेशन के साथ लाइनपार इलाके में पंडित लख्मीचंद पार्क के साथ वाला रास्ता सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक व्यस्त रहता है। रास्ते में एक डॉक्टर का क्लीनिक है। शुक्रवार देर शाम को भी इस रास्ते में पूरा आवागमन हो रहा था। साढ़े नौ बजे यहां गोलियां चलने लगीं। कई तरफ से लोग गाड़ियों से उतरे और कुछ ही पलों में चले भी गए। इस खूनी वारदात में एक युवक की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक के कपड़ों की जेब में मिले एक आधार कार्ड के मुताबिक पुलिस ने मृतक युवक का नाम वेदप्रकाश निवासी जौहरीनगर, बहादुरगढ़ बताया है। उसकी उम्र करीब 35 साल रही होगी, जबकि घायलों के नाम संदीप और सन्नी बताए गए हैं।
पुलिस के फूले हाथ-पांव
लाइनपार पुलिस थाना भी घटना स्थल से थोड़ी ही दूरी पर है। जिस गली के नुक्कड़ पर वारदात हुई है, उसी गली में नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन रवि खत्री का घर है। यहां गोलियां चलने की सूचना पर एसएचओ संदीप हुड्डा की अगुवाई में लाइन पार थाना पुलिस घटना स्थल पहुंच गई। मृतक का शव मौके पर पड़ा था। डीएसपी धीरज कुमार और सीआईए कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। इस बीच पुलिस को सिविल अस्पताल से सूचना मिली कि गोलियां लगने से घायल दो युवकों को अस्पताल लाया गया है। जब तक पुलिस सिविल अस्पताल पहुंची तब तक घायलों को पीजीआई के लिए रेफर किया जा चुका था।
दो गाड़ियों से हुआ खूनी खेल
हमलावर कौन थे और मृतक और घायलों के बारे में ज्यादा जानकारी का देर रात तक खुलासा नहीं हो पाया। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। मामले का खुलासा उन घायलों से पूछताछ में होने की संभावना है जिन्हें पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल पर इकट्ठे हुए लोगों ने बताया कि वारदात के वक्त दो गाड़ियां आईं थीं। इनमें एक स्विफ्ट और दूसरी आई-10 थी। गोलीबारी के बाद दोनों गाड़ियां बहुत तेज गति से बराही फाटक की ओर चलीं, लेकिन जल्द ही एक गाड़ी मुड़कर वापस आई और नाहरा-नाहरी रोड की ओर चल पड़ी। वारदात से आसपास सनसनी फैल गई। कुछ ही मिनट में मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए।