सेवा, सुरक्षा सहयोग का नारा देने वाली हरियाणा पुलिस के ही तीन कर्मचारी नशीले पदार्थ के आरोप में फंस गए। एक सहायक उप निरीक्षक पर बिना परमिट के 490 ग्राम चरस रखने का आरोप है तो दो अन्य पर उसे उपलब्ध करवाने का आरोप है। थाना सदर पुलिस ने तीनों पुलिसकर्मियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है।
हुआ यूं कि जब थाना सदर के कार्यवाहक एसएचओ अरविंद कुमार की टीम डाबोदा के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी तो उन्हें सूचना मिली कि एक व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर गाड़ी में चरस लेकर बहादुरगढ़ से झज्जर की तरफ जाएगा। टीम ने चौकसी बरतते हुए वाहनों की गहनता से चेकिंग करनी शुरू कर दी। गाड़ी चालक एवं पुलिस में ही कार्यरत ईएएसआई नरेंद्र को शक के बिनाह पर तलाशी देने को कहा तो उसने राजपत्रित अधिकारी की निगरानी में तलाशी की बात कही। इसके बाद डीएसपी धीरज कुमार मौके पर पहुंचे। उनकी देखरेख में जब गाड़ी की तलाशी ली तो डैश बोर्ड में रखी पालीथिन मिली। डीएसपी के अनुसार जब पालीथिन को खोलकर चेक किया तो गोला नूमा व प्लेट नुमा काले रंग का चरस मिला।
प्लेटनुमा का वजन 340 ग्राम व गोला नूमा चरस का वजन 150 ग्राम पाया। इनमें से दो-दो नमूने जांच के लिए लिए गए। उन्होंने बताया कि ईएसएआई नरेंद्र से पूछताछ में सामने आया कि पुलिसकर्मी जगमाल व सतबीर ने उन्हें यह चरस उपलब्ध कराई थी। इस पर उन पर भी केस दर्ज कर कार्रवाई की गई। डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि चरस कहां से उपलब्ध कराई गई है इसको लेकर जांच जारी है। दूसरी ओर उक्त पुलिसकर्मियों ने सफाई दी कि उन पर लगे आरोप ठीक नहीं है।