गांव मारौत में रविवार की सुबह बस के इंतजार में खड़े एक युवक पर बजरी से भरा ट्रक पलट गया। युवक बजरी के नीचे दब गया।
युवक ने बताया कि उसने किसी तरह मोबाइल फोन निकाल कर अपने पिता को बजरी के नीचे दबने की सूचना दी। आनन-फानन में वह लोग वहां पहुंचे, लेकिन करीब घंटे की मशक्कत से युवक को बजरी के नीचे से बाहर निकाला जा सका। तब तक वह बेसुध हो चुका था।
उसे सिविल अस्पताल में लाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत में पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। गांव मारौत निवासी हरीश (19) एक मेडिकेयर कंपनी में सेल्समैन का काम करता है।
रविवार को वह गांव में अड्डे पर बस के इंतजार मे था। इसी दौरान एक ट्रक व रोडवेज बस आमने-सामने से आए तो सवारी ढोने वाली एक क्रूजर जीप भी उनके बीच में आ गई।
जीप को बचाने के चक्कर में बजरी से भरा ट्रक सड़क किनारे पलट गया। हरीश ने बचने का प्रयास किया, लेकिन वह बजरी के नीचे दब गया।
इसी बीच उसने मोबाइल फोन निकाल कर किसी तरह अपने पिता को बजरी के नीचे दबे होने की जानकारी दी। सूचना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया।
मामले की सूचना पुलिस व एंबुलेंस को दी गई। परिजनों ने इसके बाद ग्रामीणों की मदद से ट्रक को हटाया और बजरी के नीचे दबे हरीश को किसी तरह से बाहर निकाला।
वह बेसुध हालत में था। तब तक मौके पर एंबुलेंस पहुंच चुकी थी। परिजन उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। बजरी के नीचे दबे होने की वजह से हरीश की हालत बेहद खराब हो गई थी और उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।