झगड़े में अस्पताल कर्मी व दूसरे मरीज भी सहम गए। सूचना मिलने पर पुलिस की राइडर टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग-अलग किया।
जानकारी के अनुसार गांव सौलधा के निवासी पूर्व जिला पार्षद सूबेदार हरकिशन और भगवान सिंह (भगवाना) के बीच पंचायत चुनाव के मसले को लेकर संघर्ष हुआ। लोगों ने बताया कि भगवाना ग्राम पंचायत सरपंच का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह गांव की हरिजन चौपाल में अपना चुनाव कार्यालय बनाना चाहते थे। इसके लिए रविवार को वह चौपाल का ताला काटने लगे तो हरकिशन ने इस पर एतराज किया। वह नहीं माने तो हरकिशन ने उस पर लोहे की राड से हमला कर दिया। जिससे वह घायल हो गया।
भगवाना के बेटों देवेंद्र व अनिल को पता लगा तो वे पिता को इलाज कराने और मेडिकल लीगल रिपोर्ट बनवाने के लिए सिविल अस्पताल बहादुरगढ़ ले आए। उधर, हरकिशन व उसके बेटे भी अस्पताल (ट्रॉमा सेंटर) पहुंच गए। यहां दोनों पक्षों में 10 मिनट से ज्यादा वक्त तक जमकर संघर्ष हुआ। कई लोग लहूलुहान हुए। हरकिशन ने शिकायत दी है कि उसको और उसके पक्ष के दोनों लोगों को चाकू मारे गए। लोहे के पाइप से भी वार किए। हरकिशन पक्ष से खुद हरकिशन, उसके पुत्र सुरेंद्र व अशोक पुत्र रामधन घायल हो गए। यहां एक पक्ष ने दूसरे पक्ष की कार को भी नुकसान पहुंचाया। इस गाड़ी के शीशे टूट गए। ट्रॉमा सेंटर परिसर में भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई तो इससे यहां भर्ती अन्य मरीज भी परेशान दिखे।
क्या कहना है दोनों पक्षों का
भगवाना का कहना है कि रविवार सुबह वह गांव में घूमने के लिए गया तो रास्ते में उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। वहीं हरकिशन व उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि पहले उनके साथ गाली-गलोच व मारपीट की गई। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच दिनभर आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे।
क्या कहते हैं थाना प्रभारी
थाना सदर प्रभारी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि झगड़े की शिकायत पर उन्होंने जांच शुरू कर दी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।