बिजली चोरी से सरकार को राजस्व का नुकसान तो होता ही है। साथ ही वोल्टेज अप-डाउन होने की वजह से घर में उपकरणों के भी खराब होने की आशंका बनी रहती है। बिजली चोर अपना काम चोारी से चलाते हैं और ईमानदार हर साल बिल भरता है। उसमें भी निगम समय पर बदलाव करता रहता है। जिससे ईमानदारा उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तो पर्याप्त बिजली नहीं मिलती है, जो मिलती है गुणवत्ता पूर्ण नहीं होती है।
अधिकारी के अनुसार
जिले में शुक्रवार की रात को बड़े स्तर पर बिजली निगम की तरफ से बिजली चोरी पकड़ने के लिए छापे मारे गए हैं। जिले में अभियान के दौरान 70 बिजली चोर पकड़े गए हैं। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा गया है। -प्रदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, बिजली निगम, झज्जर।