गांव दुल्हेड़ा में सोशल पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में तकरार हो गई। यहां के एक परिवार पर सप्लाई में रुकावट डालने का आरोप लगाते हुए थाने पहुंचे ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर खूब बवाल काटा। लोगों का आरोप है कि पूरा गांव प्यासा है, मगर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। काफी देर तक थाने में रहे लोगों की शिकायत दर्ज करके पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब मामला शांत हुआ।
मिलाजुला है इंतजाम
बुधवार को थाने पहुंचे महिलाओं व पुरुषों ने पुलिस को अपनी व्यथा सुनाई और कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक वे वापस नहीं जाएंगे। दरअसल, गांव में पीने के पानी की सरकारी जलापूर्ति व्यवस्था नहीं है। पूरे गांव ने मिलकर 22 लोगों की एक कमेटी बनाई। फिर इस कमेटी के जरिये ही लाखों रुपये खर्च करके पानी की व्यवस्था की। पहले खेतों के उस हिस्से में ट्यूबवेल लगाया गया जहां पर भू-जल पीने योग्य है। उसके बाद पूरे गांव में पाइप लाइन दबाकर पानी के कनेक्शन दिए गए। महीने में बिल भी एकत्रित किया जाता है। पूरी व्यवस्था बिना लाभ-हानि के चलाई जाती है।
यह है विवाद
अब विवाद यह है कि एक परिवार इस व्यवस्था पर आपत्ति कर रहा है। उसके खिलाफ ही गांव के लोग बुधवार को थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। थाने में पहुंचे ग्रामीणों में अतर सिंह, भीम, पप्पू, राजबीर, प्रेम, रामरती, शशि, बीरमति, इंदिरावती, भतेरी व सावित्री भी शामिल थी। इन लोगों का कहना था कि पूरा गांव तो प्यासा है और एक परिवार इस पर मनमानी कर रहा है, जबकि इस पूरी व्यवस्था से उस परिवार का कोई लेना-देना ही नहीं है। गांव के 500 घरों में कनेक्शन हैं। एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा। पुलिस को पहले भी शिकायत दी गई है, मगर कार्रवाई नहीं की जा रही।
उधर, इस व्यवस्था पर आपत्ति कर रहे ग्रामीण बिजेंद्र का कहना है कि जहां पेयजल सप्लाई का ट्यूबवेल लगा है, उससे कुछ दूरी पर ही उसका अपना ट्यूबवेल भी है, मगर सप्लाई का ट्यूबवेल ज्यादा देर तक चलता है। जिससे उसके खुद के ट्यूबवेल में पानी का स्तर कम हो जाता है। इससे उसके खेतों में फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती। इस पर उन्होंने इतना ही कहा था कि इस सप्लाई के ट्यूबवेल को चलाने का समय कम किया जाए।
सदर पुलिस ने कहा
पेयजल सप्लाई को लेकर दुल्हेड़ा गांव से मिली शिकायत के बाद मामले की जांच की जा रही है। जिस परिवार पर पानी रोकने का आरोप है उससे भी पूछताछ की गई है। नियमानुसार जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
-रणधीर सिंह, एसएचओ।