आप के पास सीट नंबर है तो क्या हुआ हम भी तो पुलिस स्टाफ हैं, आप किसी दूसरी सीट पर बैठ जाइए, इस सीट पर तो अब हम बैठ चुकी हैं। नए बस स्टैंड पर शनिवार को बस में सीट को लेकर पुलिस की तरफ से जनता को ये सुनने को मिला। इस बात पर गुस्साए यात्रियों ने पुलिस के आला अधिकारियों ये शिकायत की और बस स्टैंड के बाहर 20 मिनट तक बस को रोके रखा।
जिस कारण से शहर में आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएसपी राजीव ने मौके पर पहुंच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मामले का निपटारा करवाया।
शनिवार सायं 5 बजे स्थानीय नए बस स्टैंड पर बूथ से सीट नंबर लेकर बस में चढ़ी रोहतक निवासी बिमला ने बताया कि उसने रोहतक जाने के लिए बूथ से अपना और अपनी बेटी अंजली के लिए सीट नंबर ले लिया था, लेकिन बस में चढ़ने के बाद देखा की उनकी सीट पर पहले से ही दो महिलाएं बैठी हुई हैं। बेटी ने सीट पर बैठी महिलाओं से कहा कि इन सीटों के नंबर हमारे पास हैं आप किसी दूसरी सीट पर बैठ जाइए।
इसके जवाब में उन महिलाओं में से एक ने कहा कि हम पुलिस स्टाफ से हैं आप ही किसी दूसरी सीट पर बैठिए। बिमला ने बताया कि हम दोनों में सीट को लेकर हो रही कहासुनी में उक्त महिलाओं ने पुलिस का रौब दिखाते हुए कहा यहां से चली जाओ वरना अंदर कर देंगे।
इस बात पर बस में बैठी अन्य सवारियों ने भी उक्त महिलाओं का विरोध करते हुए बस को स्टैंड के बाहर रोड पर ही रुकवा दिया और पुलिस आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी राजीव ने कार्रवाई की बात कहते हुए मामले को शांत करवाया।
बस के रोड के बीच में ही रुके रहने के कारण शहर से आने जाने वाले वाहनों का रोड पर तांता लग गया। 20 मिनट तक रोड के बीचों बीच रुकी बस के कारण जाम की स्थिति बनी रही। जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौके डीएसपी के साथ पहुंचे एसएचओ दयाचंद ने बताया कि उक्त पुलिस कर्मी ब्लड प्रेसर की समस्या है। जिसके कारण उनका जल्द की बीपी हाई हो जाने के कारण खुद पर काबू नहीं रहता। इस लिए लंबे समय से चल रही बीमारी की वजह से उनसे इस प्रकार की गलती हो सकती है।
बिमला की शिकायत पर मामले की जांच करते हुए हमने उक्त महिला पुलिस कर्मी को लाइन हाजिर के आदेश दे दिये हैं। अगर वह दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राजीव कुमार, डीएसपी।