रिंग रोड बाइपास पर एक फॉरचूनर गाड़ी डिवाइडर से टकराकर तीन पलटी खाती हुई दूसरी तरफ रोड पर जा पलटी। हादसे में सेना के रिटायर्ड मेजर गुड़गांव निवासी तेज प्रताप की मौके पर ही मौत हो गई।
बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। हादसे की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है।
गुड़गांव के पटेल नगर निवासी तेज प्रताप (45) रिटायर्ड मेजर थे। रविवार को वह अकेले ही अपनी फॉरचूनर से रोहतक की ओर से गुड़गांव जा रहे थे। गाड़ी रिंग रोड पर बादली बाइपास चौक के कुछ पीछे ही थी कि वह अचानक डिवाइडर से टकरा गई।
गाड़ी इसके बाद तीन पलटी खाती हुई दूसरी तरफ रोड पर जा पलटी। इस बीच पास के ढ़ाबे पर खाना खा रहे कुछ लोगों ने गाड़ी को पलटते देखा तो वे दौड़कर मौके पर पहुुंचे। हादसे की सूचना पुलिस को दी और गाड़ी के अंदर फंसे मेजर को दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
इस बीच पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में ले लिया। गाड़ी की तलाशी ली तो वहां से एक मोबाइल फोन, 21 हजार 260 रुपये और कुछ जरूरी कागजात बरामद हुए।
पीछे छोड़ गए इकलौती बेटी
मौके पर पहुंची पुलिस ने मेजर तेज प्रताप के मोबाइल फोन से परिजनों के नंबर तलाश कर उनको हादसे सूचना दी। वहां से मृतक के भतीजे ने बताया कि तेज प्रताप सेना के रिटायर्ड मेजर थे। वे फिलहाल गुड़गांव के पटेल नगर में रहते थे। सोहना में भी उनका मकान है। वे अपने पीछे इकलौती बेटी व पत्नी को छोड़ गए हैं। बेटी अभी स्कूल में पढ़ती है। मृतक के एक भाई हैं, जो कि अलग से व्यवसाय करते हैं।
सिर में चोट लगने से हुई मौत
प्रत्यक्षदर्शी खाइका हरीन के मुताबिक वे रोहतक में हुई इनेलो रैली से लौटते समय ढ़ाबे पर खाना खा रहे थे। अचानक फॉरचूनर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। वे साथियों के साथ दौड़कर मौके पर गए और गाड़ी का दरवाजा तोड़ा। गाड़ी में केवल चालक था। उसने सीट बेल्ट बांध रखी थी। हादसा नींद की झपकी की वजह से हुआ हो सकता है। हादसे में मृतक का सिर फट गया था।