पत्नी के गायब होने के मामले में पूछताछ के लिए थाना सदर में बुलाए गए पति की अचानक तबीयत बिगड़ने व बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को निराधार बताया, पुलिस का कहना है कि बीमारी के कारण उसकी मौत हुई है। हालांकि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस के अनुसार रोहतक के बसंतपुर के गौरव की शादी कई साल पहले सरस्वती के साथ हुई थी। सरस्वती की बहादुरगढ़ के डाबोदा में कोई रिश्तेदारी है।
डाबोदा से एक महिला ने शिकायत दी थी कि सरस्वती को काफी लंबे अर्से से गायब किया हुआ है। इस पर पुलिस ने गौरव को 27 दिसंबर को पूछताछ के लिए थाना में बुलाया।
दोनों पक्षों के लोग यहां आए हुए थे। बताया गया है कि इसी बीच गौरव ने सिर में तेज दर्द होने बात कही। जिसके बाद उसे इलाज के लिए एक प्राइवेट हास्पिटल ले जाया गया।
यहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। जहां सोमवार की रात को उसकी मौत हो गई। इस मामले में परिजन पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते नजर आए और पुलिस पिटाई से ही मौत होने की बात कही।
वे बार-बार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने निष्पक्ष तरीके से जांच की मांग भी करते दिखे। जिसके बाद बहादुरगढ़ के तहसीलदार को इसके लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
वह सभी पहलुओं को लेकर जांच करने के लिए रोहतक पीजीआई गए। यहां पर डीएसपी सुरेश कुमार, थाना सदर प्रभारी बिजेंद्र सिंह, थाना शहर प्रभारी रणधीर सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी रोहतक पीजीआई मौजूद रहे।
परिजनों के रोष को देखते हुए मंगलवार को यहां काफी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। जिसके कारण पोस्टमार्टम भी नहीं हो पाया। अब बुधवार को पोस्टमार्टम होगा। इसमें क्या कुछ सामने आता है उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
आरोपों में सच्चाई नहीं
युवक की मौत किसी बीमारी के चलते हुई है। पुलिस पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं। ड्यूटी मजिस्ट्रेट पूरे मामले की जांच करेंगे।
पत्नी के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए थाना बुलाया था। उस दौरान दोनों पक्षों के लोग भी वहां मौजूद थे।
सुरेश कुमार, डीएसपी बहादुरगढ़।