अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। ब्राह्मण महासभा के उपप्रधान पंडित ब्रह्मानंद सिलाना के मर्डर की जांच हाईकोर्ट द्वारा जल्द सीबीआई को सौंपी जा सकती है। हाईकोर्ट ने जांच फाइल एसपी को जमा करवाने के लिए निर्देश दिए, जिस पर फाइल कोर्ट में जमा करवा दी गई है। हरियाणा पुलिस से न्याय नहीं मिलने के बाद उनके बेटे विष्णु ने सीबीआई जांच के लिए होईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिस पर हाईकोर्ट में केस की सुनवाई चल रही है। झज्जर पुलिस पौने दो साल में भी हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा सकी।
28 मई को मिला था पंडित ब्रह्मानंद का शव
28 मई 2017 की सुबह हाईवे के किनारे पंडित ब्रह्मानंद का शव मिला था, जो कि 27 मई से लापता थे। मृतक के सिर व शरीर पर चोट के निशान थे। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार शव को देखकर ऐसा लग रहा था कि ब्रह्मानंद की हत्या कहीं और करके शव को यहां छिपाया गया था, क्योंकि मृतक के शरीर पर काफी चोट के निशान होने के बावजूद घटनास्थल पर ज्यादा खून नहीं था।
रोहतक के लिए बताकर गए थे ब्रह्मानंद
मृतक ब्रह्मानंद के बेटे विष्णु ने बताया कि उसके पिता रोहतक जाने की बात कहते हुए घर से निकले थे। जब शाम को वो घर नहीं आए तो उन्होंने उनको फोन किया लेकिन फोन पर रिंग नहीं गई। इसके चलते उनको चिंता हुई तो रविवार को भी रोहतक के परशुराम जयंती कार्यक्रम में माइक से ब्राह्मण सभा के उपप्रधान को लेकर उद्घोषणा करवाई। लेकिन शाम को पुलिस से सूचना मिली कि उसके पिता का शव मिला है।
सड़क पर भी उतरा था ब्राह्मण समाज
जांच में ढील के चलते ब्राह्मण सभा के बैनर तले ब्राह्मण समाज के लोगों ने 13 जून 2017 को शहर में प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन कोई जांच आगे नहीं बढ़ पाई। ब्रह्मानंद 20 साल से ब्राह्मण सभा से जुड़े हुए थे और दिल्ली डेयरी निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे।
हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद : विष्णु
मृतक ब्रह्मानंद के बेटे विष्णु ने बताया कि झज्जर पुलिस से जब न्याय नहीं मिला तो वे होईकोर्ट की शरण में चले गए थे। वहां से उन्हें उम्मीद है कि सीबीआई जांच की सिफारिश हो जाएगी। अगर वहां से भी सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं होती है तो वे सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। वे अपने पिता के हत्यारों को जेल भिजवा कर ही रहेंगे।