बहादुरगढ़। सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन के नजदीक अतिक्रमण हटाने गई नगर परिषद की टीम के साथ मनोनीत पार्षद व कुछ लोगों द्वारा की गई हाथापाई के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। एक तरफ जहां वीरवार की देर रात आरोपी पार्षद के खिलाफ एससी एसटी एक्ट व मारपीट की धाराओं सहित केस दर्ज हो गया, वहीं शुक्रवार को सुबह नौ बजे से नगर परिषद के गेट पर सफाई कर्मचारियों ने पार्षद की गिरफ्तारी को लेकर धरना शुरू कर दिया। कर्मचारी ही नहीं अधिकारी भी हड़ताल पर रहे, दिनभर अधिकारियों के दफ्तर बंद रहे। आधे से अधिक पार्षद कर्मचारियों के समर्थन में आ गए हैं। कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना है कि जब तक पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होती वे धरना नहीं खोलेंगे। उधर, विधायक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।
ये है मामला
दरअसल, सिटी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास अवैध अतिक्रमण फैला हुआ था। सड़क तक रेहड़ी वालों व छुट्टे दुकानदारों का कब्जा था। जिला उपायुक्त के आदेश पर नगर परिषद की टीम अतिक्रमण को हटाने पहुंची तो विवाद हो गया। इस विवाद में अतिक्रमणकारियों व टीम के बीच हाथापाई तक हो गई। भाजपा के मनोनीत पार्षद राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम व कुछ अन्य पर मारपीट करने, धमकी देने व जातिसूचक शब्द कहे जाने के आरोप लगाए गए। देर रात सेक्टर-छह चौकी पुलिस में पार्षद पालेराम और सोनू नाम के शख्स के खिलाफ एससीएसटी एक्ट, मारपीट सहित कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज हो गया।
धरने पर बैठ गए कर्मचारी
अपने कर्मचारी के साथ हुई मारपीट पर नगर परिषद के तमाम कर्मियों में रोष पनप गया। शुक्रवार की सुबह सफाई व अन्य कर्मचारियों ने परिषद के गेट पर धरना शुरू कर दिया। राजेंद्र, राकेश सहित अन्य कर्मचारियों ने पार्षद पालेराम के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपनी भड़ास निकाली। रोषित कर्मचारियों ने कहा कि वे प्रशासन के कहने पर अतिक्रमण हटाने गए थे। सरकार के नुमाइंदों को व्यवस्था बनाए रखने के लिए सहयोग करना चाहिए, लेकिन अपने कुछ चहेतों के लिए उक्त पार्षद हमसे ही हाथापाई करने लगा। पार्षद ने हाथापाई तो की ही है साथ ही जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल कर उनकी भावना को भी आहत किया है। पुलिस जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार करे। जब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता वे काम पर नहीं लौटेंगे।
अधिकारियों ने भी नहीं किया काम
कर्मचारियों के अलावा शुक्रवार को अधिकारियों ने भी काम नहीं किया। ईओ अपूर्व चौधरी समेत अन्य अधिकारियों के दफ्तर बंद थे। दोपहर दो बजे तक काम नहीं हो पाया था। इस कारण काम के लिए आने वाले लोगों को भी बैरंग लौटना पड़ा। नप के ईओ अपूर्व चौधरी ने कहा कि टीम के साथ हाथापाई हुई तो उन्होंने पुलिस को शिकायत दे दी थी, जिस पर केस दर्ज हो गया। आगे की कार्रवाई पुलिस को करनी है। कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए समझाया जा रहा है।
थाने के बगल में रेस्ट हाउस में बैठा था पार्षद
सफाई कर्मचारियों ने पुलिस प्रशासन पर भी समझौता कराने के आरोप लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि एससीएसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की जाती है, लेकिन आरोपी पार्षद दिनभर सिटी थाने के बगल में रेस्ट हाउस में बैठा रहा लेकिन पुलिस ने गिरफ्तार करना जरूरी नहीं समझा। बताते हैं कि रेस्ट हाउस में ईओ और तहसीलदार के समक्ष दोनों पक्षों के बीच बात भी हुई थी, लेकिन कर्मचारी नहीं माने और वापस धरने पर बैठ गए।
कई पार्षदों ने किया समर्थन
इस विवाद में कई पार्षद भी उतर आए हैं। पार्षद संघ के प्रधान समुंद्र सहवाग, पूर्व चेयरमैन रवि खत्री, पार्षद संदीप, रिंकू, शशि, रवींद्र जाखड़ आदि मौके पर नजर आए। पार्षद संघ के प्रधान समुंद्र सहवाग ने कहा कि यदि पालेराम शर्मा को एतराज था तो वह अधिकारियों से बात करता, इस तरह से कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करना ठीक नहीं। वह इसकी निंदा करते हैं और वे कर्मचारियों के साथ हैं।
रेहड़ी वाले भी बैठ गए सिटी थाने के सामने धरने पर
उधर, सिटी पार्क के नजदीक रेहड़ी लगाने वाले दुकानदारों (दूसरा पक्ष) ने भी शहर में प्रदर्शन किया। रेहड़ी संचालकों ने कहा कि सिटी पार्क से प्रदर्शन करते हुए सभी दुकानदार सिटी थाने तक पहुंचे और बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सिर्फ सिटी पार्क के पास ही अतिक्रमण नजर आता है, रेलवे रोड, नाहरा-नाहरी रोड व मेन बाजार नजर नहीं आते। गरीबों को खाने कमाने नहीं दे रहे। वीरवार को भी कार्रवाई के नाम पर उनकी दुकानें उजाड़ दी गई। जब उन्होंने शिकायत दी तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं बल्कि कमेटी के अधिकारियों की शिकायत पर उनका पक्ष ले रहे लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता वे धरने पर बैठे रहेंगे। हालांकि कुछ देर बाद पुलिस ने इनको उठा दिया।
नहीं की मारपीट : पालेराम
मैंने किसी कर्मचारी से मारपीट नहीं की। मेरी सिर्फ ईओ और सीएसआई से बात हुई। जो केस दर्ज कराया गया है वो गलत है। राजनीतिक लोग कर्मचारियों को बहकाकर मामले को तूल दे रहे हैं। रही बात अतिक्रमण हटाने की तो परिषद की टीम को सिर्फ यही ठिकाना नजर आता है। बड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय गरीब रेहड़ी वालों को उजाड़ा जा रहा है।
- राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम
मनोनीत पार्षद, बहादुरगढ़
की जा रही है जांच : एएसपी
शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान यदि कोई दोषी पाया जाता है तो गिरफ्तारी जरूर की जाएगी।
- शशांक सावन, एएसपी बहादुरगढ़