अमर उजाला ब्यूरो
बादली। घने कोहरे के कारण शुक्रवार की सुबह केएमपी पर 13 वाहन टकरा गए। सुबह के समय दृश्यता 10 मीटर की होने के कारण वाहन चालकों को आगे खड़े वाहन नहीं दिखाई दिए। इससे एक किलोमीटर में एक के बाद एक 13 वाहन टकरा गए। इस हादसे में सात वाहन चालकों को चोट आईं है। वहीं हादसे के बाद कई वाहन चालक अपने वाहनों को मौके पर छोड़कर भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो घटना सुबह करीब 8:30 बजे की है। घटनास्थल पर सबसे आगे वैगन आर गाड़ी खड़ी थी, जिसके बाद उससे कई वाहन टकरा गए। दुर्घटना के बाद पुलिस ने आवागमन को सुगम करवाया। आपस में टकराई 13 गाड़ियां लगभग एक किलोमीटर पर खड़ी थी। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची बादली पुलिस ने सबसे यातायात को सुगम करवाया।
वैगनआर से टकराया ट्राला
केएमपी में बीच रोड में खड़ी वैगन आर गाड़ी में पीछे से सबसे एक ट्राले की टक्कर हुई। इसके बाद थोड़ी-थोड़ी देर में करीब 13 वाहन आपस में टकरा गए। 13 वाहनों में दो छोटी कार और 11 ट्राले टकराए। बता दें कि वैगनआर गाड़ी यूपी नंबर की बताई जा रही है। घटनास्थल पर खड़ी कार का चालक मौके से फरार हो गया। आपस में टकराई गाड़ियों में सबसे आगे कार थी। हालांकि अभी इस बात का पता नहीं चल सका है कि केएमपी के बीच में कार क्यों खड़ी थी।
केएमपी से खेतों में पलटा एक ट्राला
हादसे के वक्त एक ट्राला असंतुलित होकर हाईवे से नीचे खेतों में पलट गया। कोटपुतली के रहने वाले चालक सनोज कुमार को चोट आई और उसे राहगीरों की मदद से ट्राला के अंदर से निकाला गया। केएमपी पर टकराए नौ ट्रालों में सात ट्राले एक ही मालिक थे जो कि कुंडली की तरफ रोड़ी व क्रशर लेकर जा रहे थे। तीसरे नंबर से टकराए ट्राला चालक दशरथ के अनुसार हाईवे पर खड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहन घने कोहरे के चलते दिखाई नहीं दे रहे थे, जिसके चलते वाहनों की टक्कर लगती चली गई। चालक दशरथ के साथ एक अन्य चालक बिजेंद्र ने बताया कि कुछ वाहन तेजी के साथ टकराए और जोरदार धमाके होते रहे। ऐसे में उन्होंने भी हाईवे से दूर खड़े होकर अपनी जान बचाई।
कोहरे के कारण कम स्पीड में थे कुछ वाहन
शुक्रवार की सुबह कोहरा अधिक होने के कारण केएमपी से गुजर रहे कुछ वाहनों की स्पीड काफी कम थी। इससे पहले हादसे का शिकार हुए वाहनों से टकराए लेकिन स्पीड कम होने की वजह से उनका कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इससे वह मौके पर कुछ देर रुकने के बाद अपने गंतव्य की ओर चले गए। यूपी के फिरोजाबाद जिले से रहने वाले चालक बिजेंद्र ने बताया कि उनकी टक्कर एक आयशर कैंटर के साथ हुई। कैंटर में कोई चालक नहीं था और दुर्घटनाग्रस्त हाल में हाईवे के बीचों-बीच खड़ा हुआ था।
ऐेसे भिड़े वाहन
एक ट्राला चालक ने बताया कि सबसे आगे एक कार खड़ी थी, जिसमें साढ़े 8 बजे एक कैंटर आयशर ने टक्कर मार दी। तीसरे टक्कर एक ट्राला ने मारी जबकि चौथी टक्कर में एक गाड़ी टकरा गई और चौथी टक्कर में ट्राला हाईवे से नीचे खेतों में पलट गया। बाद में लगातार चार ट्राले एक दूसरे में पीछे से टकराए। एक स्वीफ्ट गाड़ी भी ट्राला में टकरा गई जबकि स्वीफ्ट के पीछे ही आयसर कैंटर ने टक्कर मार दी। सबसे पीछे भी एक ट्राला ने ही टक्कर मारी।
चालक चिल्लाते रहे और टक्कर लगती रही
हादसे के बाद चालक दौलत, बिजेंद्र, अजय, सनोज और दशरथ ने बताया कि व पीछे हटकर वाहन चालकों को रुकने का इशारा करते रहे मगर किसी को सुनाई नहीं दिया और टक्कर मारते चले गए। टक्कर लगते देखना उनके लिए दहशत से कम नहीं था क्योंकि टक्कर के बाद चालकों के चिल्लाने की आवाज आ रही थी और बड़ी मुश्किल से चालकों को गाड़ी से बाहर निकाला गया।
एक चालक ने दर्ज कराया है बयान
सूचना मिलते ही बादली थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाया। पुलिस जांच अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अभी तक सिर्फ सनोज नामक एक चालक ने कोहरे के चलते दुर्घटना होने के संदर्भ में अपने बयान दर्ज करवाए हैं। गनीमत यह रही कि टकराने वाले अधिकतर वाहन बड़े थे जबकि छोटे वाहनों की संख्या मात्र 2 ही थी। जिन चालकों को चोटें आईं थी उनको प्राथमिक उपचार करा दिया गया था। जिसके बाद वाहन चालक चले गए।