अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
शहर के नागरिक अस्पताल परिसर में शनिवार को अस्पताल स्टाफ की सूचना पर थाना शहर पुलिस ने एक ऐसी कार को जब्त किया है, जिसमें प्रतिबंधित नशीली दवाईयां पड़ी थी। इस कार पर पुलिस का स्टीकर भी लगा हुआ था। मौके पर पुलिस ने एक युवक को भी काबू किया है जोकि गाड़ी खोलने के लिए आया था। दवाईयों के बारे में कोई संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस ने झज्जर जिला औषधि नियंत्रक को बुलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार से बरामद हुई दवाईयां पेन किलर व नशे के रूप में इस्तेमाल की जा सकती हैं। इस संबंध में थाना शहर पुलिस ने नारकोटिक्स एक्ट में केस दर्ज कर युवक से पूछताछ शुरू कर दी है।
शनिवार सुबह जैसे ही पुलिस स्टीकर लगी कार नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ी हुई तभी से अस्पताल स्टाफ ने गाड़ी से अंदर-बाहर आने वाले लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जब उन्हेें विश्वास हो गया कि गाड़ी में कुछ असामाजिक गतिविधि संचालित की जा रही है तो उन्होंने इसकी सूचना सिटी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके की नजाकत को देखते हुए दो टीम तैयार की। एक टीम अस्पताल के पिछले गेट की तरफ से आई तो दूसरी टीम ने ट्रामा सेंटर की तरफ से इंट्री की। पुलिस ने कार खोल रहे एक युवक को काबू किया। जिसने अपनी पहचान प्रदीप निवासी सोनीपत बताई। पुलिस ने कार की भी तलाशी ली तो उसमें काफी मात्रा में दवाईयां बरामद हुई। नशीली दवाईयां होने की संभावना के चलते पुलिस ने इसकी सूचना तुरंत जिला ड्रग्स कंट्रोलर को भी दी। वहीं जिला ड्रग्स कंट्रोलर रजनीश धानीवाल ने इन दवाईयों को प्रतिबंधित नशीली दवाईयों की श्रेणी में मानते हुए पुलिस को इस मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए कहा। पुलिस ने सभी दवाईयों को जब्त करके युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
दो सप्ताह पहले भी पकड़ा गया था एक युवक
पुलिस अधिकारियों की मानें तो 15 दिन पहले अस्पताल परिसर से ही नशीली दवाईयों के जखीरे से एक युवक को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से ही अस्पताल में तैनात पुलिस व अन्य स्टाफ इस गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखे हुई थी। पुलिस के पास ठोस सूचना थी कि लाइनपार क्षेत्र व बराही रोड पर बिकने वाली नशीली दवाईयां असल में नागरिक अस्पताल परिसर से ही संचालित की जा रही हैं। नशे का प्रयोग करने वाले लोग अस्पताल परिसर में बने ठिकानों से नशे की दवाईयों को ले जाकर आगे कहीं सप्लाई करते थे। पुलिस का मानना है कि यह बड़ा रैकेट है। इसकी तह तक जाकर ही मामले की पूरी जानकारी दी जा सकती है।
यह हुआ कार से बरामद
अस्पताल में खड़ी कार से कोडिन सिरप ऑनराक्स की 30 शीशी मिली तो बिपरिनॉर्फिन 24 इंजेक्शन व 24 एविल एंजेक्शन बरामद किए गए है। डीसीओ धानीवाल ने बताया कि बहादुरगढ़ में नशीली दवाईयों के व्यापार को लेकर विभाग ने अपना नेटवर्क नए सिरे से तैयार किया है जिससे नशीली दवाईयों का कारोबार करने वालों को पकड़ा जा सके। इस मामले में सभी उन स्थानों पर जहां-जहां नशीली दवाईयों का प्रयोग होता है वहां सप्लाई होने वाली नशीली दवाईयों के रैकेट को पकडने के लिए जाल बिछाया है। एक माह में उन्होंने बहादुरगढ़ में तीन रैकेट का पर्दाफाश किया है।
समय पर सूचना मिलने के कारण एक युवक को काबू किया जा सका है। इससे पूछताछ में जिन लोगों के नाम सामने आएंगे उनसे भी जल्द पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद की गई गाड़ी किसकी है और इसमें रखी प्रतिबंधित नशीली दवाईयां कहां से और किस तरह से खरीदी व बेची जा रही है। जो युवक काबू किया गया है उसने अपनी पहचान प्रदीप के तौर पर बताई है।
बिजेंद्रपाल, आईओ, थाना शहर