चार सदस्यीय टीम खेड़ी बत्तर के ग्रामीणों के बयान करेगी दर्ज
चरखी दादरी।
सरकारी गेहूं को बेचने के आरोपों से घिरे खेड़ी बत्तर गांव स्थित राशन डिपो संचालक महेश कुमार अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस इस मामले में मिल संचालक और गाड़ी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। दोनों आरोपियों ने गेहूं खेड़ी बत्तर डिपो से लाने की बात भी कबूली थी। अब खाद्य आपूर्ति विभाग ने भी मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए चार सदस्यीय टीम गठित की है। इस कमेटी में तीन इंस्पेक्टर व एक सब इंस्पेक्टर शामिल है। यह टीम अब खेड़ी बत्तर के ग्रामीणों के बयान दर्ज करेगी। इस संबंध में डिपो के स्टॉक का मिलान पहले ही एक टीम कर चुकी है। हालांकि विभागीय अधिकारी अभी इस रिपोर्ट को दूसरे चरण की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सार्वजनिक करने का तर्क दे रहे हैं। टीम सदस्यों का कहना है कि आगामी दो-तीन दिन में ही जांच प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और इसकी रिपोर्ट वो उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे।
ज्ञात रहे कि गत सात मार्च को खेड़ी बत्तर निवासी संदीप ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उनके गांव के राशन डिपो से सरकारी गेहूं लोड कर लोहारू चौक समीप स्थित एक फ्लोर मिल में पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद सिटी थाना पुलिस ने ज्योति फ्लोर मिल से सरकारी गेहूं के कट्टों से भरी गाड़ी जब्त कर ली थी। इस संबंध में सात मार्च देर शाम पुलिस थाने पहुंचे खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने इस गेहूं की पुष्टि करते हुए इसे सरकारी गेहूं बताया था। पुलिस ने इस संबंध में डिपो संचालक महेश, मिल संचालक महाबीर व गाड़ी चालक ईश्वर सिंह पर मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस इस संबंध में मिल संचालक व गाड़ी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि यह गेहूं खेड़ी बत्तर के राशन से डिपो से वो लेकर चले थे। अभी तक डिपो संचालक महेश कुमार को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं, मामले संज्ञान में आने के अगले ही दिन खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम खेड़ी बत्तर गांव स्टॉक की जांच करने पहुंची थी। टीम ने डिपो के स्टॉक जांच की रिपोर्ट तैयार कर ली है और अब ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने एक चार सदस्यीय टीम बुधवार को गठित की। इस टीम में इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर जय प्रकाश, इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार व सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुमार को शामिल किया गया है। टीम सदस्यों ने बताया कि खेड़ी बत्तर गांव जाकरश ग्रामीणों के बयान दर्ज कर पता लगाया जाएगा कि डिपो संचालक राशन वितरण नियमति करता था या नहीं। इस दौरान ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्टॉक की जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है और दोनों चरणों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया गेहूं के गबन का मामला
सरकारी गेहूं के गबन के मामले को अमर उजाला ने अपने अलग-अलग संस्करणों में प्रमुखता से उठाया है। अमर उजाला ने आठ मार्च के संस्करण में ‘फ्लोर मिल में सरकारी गेहूं के कट्टे उतारती गाड़ी पकड़ी’, नौ मार्च के संस्करण में ‘गेहूं का गबन करने पर तीन पर केस दर्ज’ व 11 मार्च के संस्करण में ‘ डिपो होल्डर ने फ्लोर मिल संचालक को सस्ते दामों पर बेचा था सरकारी गेहूं’ नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
वर्जन::
हम स्टॉक की जांच कर चुके हैं। अब ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जाएंगें। इसके लिए उच्चाधिकारियों ने चार सदस्यीय टीम गठित कर दी है और मैं भी इस टीम में शामिल हूं। आगामी दो-तीन दिन के अंदर ही हम जांच पूरी कर देंगे और इसके बाद ही दोनों जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।
इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, खाद्य आपूर्ति विभाग