अमर उजाला ब्यूरो
बादली (झज्जर)।
गांव माजरी में हुई युवक की हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी खाली हैं। न तो हत्या के कारणों का पता चला है और न ही हत्यारों का सुराग। जबकि पुलिस का दावा है कि वह हत्यारों के काफी नजदीक हैं और अगले कुछ ही घंटों में हत्या के कारणों का खुलासा हो जाएगा।
गांव माजरी के कुलदीप हत्याकांड को सुलझाने के लिए थाना सदर व बादली चौकी पुलिस की टीम अलग-अलग पहलुओं पर काम करते हुए दिन-रात जुटी हुई हैं। दावा किया जा रहा है कि इस हत्याकांड में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसमें गांव के ही दो युवकों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि देर रात तक शराब पीने के बाद कुलदीप के साथ दो अन्य युवक मौजूद थे। किसी बात को लेकर उनमें कहासुनी हो गई। इसी दौरान पहले तो कुलदीप का किसी कपड़े से गला घोंटकर मारने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली तो युवकों ने कुलदीप पर ईंटों से वार शुरू कर दिए। ईंट से किए हमलों के कारण कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। इसके बाद दोनों युवक शव को वहीं छोड़कर फरार हो गए।
बादली चौकी इंचार्ज मनोज कुमार के अनुसार कुलदीप की हत्या में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। उसी के आधार पर कई पहलुओं को ध्यान रखते हुए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस का अनुमान है कि वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी माजरी गांव के ही रहने वाले हैं। उनकी पहचान की जा रही है और जल्द ही मर्डर की इस गुत्थी से पूरा पर्दा उठा दिया जाएगा। अभी यह बात संदेह के घेरे में है कि कुलदीप की हत्या शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी, पैसे के लेन-देन के चलते हुई है या फिर इसके पीछे कोई और कारण तो नहीं है। बादली चौकी पुलिस की मानें तो इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए मृतक के पास अक्सर आने-जाने वाले युवकों व अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई तो कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर पुलिस हत्याकांड को सुलझाने के करीब है।
गौरतलब है कि गांव माजरी निवासी कुलदीप जो कि गांव में ही किरयाणा की दुकान चलाता था। उसका खून से लथपथ शव शुक्रवार सुबह गांव के खेतों में पड़ा मिला था। शव के पास शराब की खाली, आधी भरी हुई बोतल के अलावा कुछ ही दूरी पर कुलदीप की बाइक भी खड़ी मिली थी।