अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर/बेरी।
वजीरपुर में रविवार को डंपर की चपेट में आने से सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना से गुस्साये लोगों ने बेरी-जहाजगढ़ मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में एसडीएम संजय राय और तहसीलदार के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोला।
जानकारी के अनुसार वजीरपुर निवासी सुरेश जब सड़क पार कर रहा था, तभी एक डंपर ने उसमें टक्कर मार दी। घटनास्थल पर ही सुरेश ने दम तोड़ दिया। टक्कर मारने के बाद चालक डंपर को भगा ले गया। मृतक सुरेश के पिता वेद सिंह का कहना है कि जैसे ही उसे सड़क हादसे में पुत्र की मौत होने की सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचे और 100 नंबर पर कंट्रोल रूप में सूचना दी। सूचना के करीब 1 घंटे बाद पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। गुस्साये ग्रामीण तपती दोपहरी में जाम लगाए रहे। उनकी मांग थी कि वहां पर स्पीड ब्रेकर बनाया जाए। ग्रामीणों ने पुलिस से कहा कि बेरी के भागलपुरी चौक, शिव चौक पर लगे पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए। जिससे डंफर का पता लग सके और जल्द ही गिरफ्तार किया जा सके। जब जाम लगा रखा था तभी एक बाइक सवार जाम से गुजरने का प्रयास करने लगा। इस पर ग्रामीणों ने जाने से मना कर दिया। यहां ग्रामीणों और बाइक सवार में विवाद हो गया। बाद में डीएसपी जितेंद्र द्वारा मामले को सुलझाया गया।
डीएसपी ने जाम खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण जाम खोलने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे बाद एसडीएम संजय राय ने ग्रामीणों को जल्द ही गांव में स्पीड ब्रेकर बनवाने, रोड की मुरम्मत करवाने और दुर्घटना करने वाले वाहन को जल्दी ही पकड़े जाने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीणों ने युवक के शव को रोड से हटाया और जाम खोला। शव को झज्जर के सिविल अस्पताल में लाया गया जहां पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बेरी के डीएसपी जितेंद्र का कहना है कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के 20 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। जांच अधिकारी जोरा सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में मृतक के चचेरे भाई के बयान पर डंपर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच आरंभ कर दी गई है।
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खुशियां आने से पहले ही घर में छाया मातम
बेरी। रविवार को गांव वजीरपुर में सड़क हादसे में मौत का शिकार हुए सुरेश के घर में खुशियां आने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही हादसे का शिकार होने से घर में मातम पसर गया है। उसके परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था।ॉ
मृतक के पिता वेद सिंह का कहना है कि रविवार को घर में सुरेश के रिश्ते के लिए गांव खानपुर खोरड़ा से मेहमान आने थे। सुबह ही गांव में नाई की दुकान पर सेव बनवाने के लिए सुरेश जा रहा था। घर में आने वाले मेहमानों के स्वागत की तैयारियां हो चुकी थीं। जैसे ही घर में सुरेश की सड़क हादसे में मौत हो जाने की खबर मिली तो घर में कोहराम मच गया।
बता दें कि करीब 4 वर्ष पहले सुरेश की पत्नी निर्मला की गन्ने की ट्राली के नीचे दबने से मौत हो गई थी। उसके करीब 12 साल का बेटा है। अब सुरेश की दूसरी शादी के लिए बात चल रही थी। जिसके लिए रविवार को घर पर मेहमान आने थे।
- कंट्रोल रूम में सूचना के करीब एक घंटा बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- बेरी-जहाजगढ़ मार्ग पर तीन घंटे यातायात रहा बाधित