अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। दिल्ली गेट के पास आठ गोलियां मारकर धर्मेंद्र उर्फ केके गुलिया की हत्या करने के बाद बदमाश बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। बताया जा रहा है केके गुलिया पर हमले के समय दो बदमाश बाइक पर सवार थे तथा तीसरा पैदल ही चल रहा था। बदमाशों ने रेकी करने के बाद घटना को अंजाम दिया है। क्योंकि हमलावरों को पता था कि केके गुलिया अपने दोस्त वेदप्रकाश दुहन के घर गया हुआ है। केके जब दुहन के घर से पैदल लौट रहे थे उस समय पीछे से बदमाशों ने उस पर हमला किया है। गली में खेल रहे बच्चों के अनुसार पैदल चल रहे बदमाश ने कपड़े से अपना मुंह ढांप रखा था। पुलिस ने मौके से जो खोल बरामद किए हैं, उनमें नौ एमएम, 312 बोर तथा 315 बोर के खोल शामिल हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि गुलिया पर तीन हथियारों से गोलियां चलाई गई है। गुलिया पर जिस प्रकार से फायरिंग की गई है, उससे एक बात तो साफ है कि बदमाश उसे किसी भी सूरत में जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। मौके पर बदमाशों ने पिस्टल लोड किया होगा क्योंकि एक गोली केके गुलिया की मुट्ठी में बंद मिली है। जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि पिस्टल लोड करते समय छीनाझपटी में गोली गुलिया के हाथ में आई है।
गुलिया के पास घटना के वक्त नहीं था लाइसेंसी रिवाल्वर
शहर में केके के नाम से पहचान रखने वाले धर्मेंद्र उर्फ केके गुलिया के पास लाइसेंसी रिवाल्वर थी। जिसे वह अक्सर अपने पास रखता था। लेकिन घटना के समय उसके पास रिवाल्वर नहीं थी। ऐसा भी कयास लगाया जा रहा है कि बदमाशों को इसका पता था कि उसके पास रिवाल्वर हो सकती है, इसलिए हमला पीछे से किया गया।
प्रॉपर्टी डीलिंग भी करता था गुलिया
मृतक केके गुलिया पूर्व में एक निजी स्कूल के सह निदेशक थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने करीब दो माह पूर्व ही स्कूूल से अपना हिस्सा अलग कर लिया था। फिलहाल स्कूल में ही रह रहे थे। वो अपने दुलीना गांव में बने मकान का रेनोवेशन करवा रहे थे, इसलिए स्कूल में ही पूर्व पार्टनर से रहने के लिए कुछ समय मांगा था। इसके साथ-साथ वे प्रॉपर्टी डीलिंग का कार्य भी करते थे।
मामले की जांच को अंजाम तक पहुंचाने के लिए पुलिस आसपास के सीसीटीवी की तलाश कर रही है। जिससे कि पता लग सके कि आखिर बदमाश कौन थे। वहीं पुलिस अभी हर एंगल से मामले की जांच में जुटी है। गुलिया के शव के पास आठ खोल मिले हैं तथा एक गोली मृतक की मुट्ठी में थी।
कुलदीप, जांच अधिकारी, सिटी थाना झज्जर।