अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। निर्माणाधीन 148-बी हाईवे (मंदोली-भिवानी) पर शुक्रवार रात एक कार अनियंत्रित होकर सड़क पर पलटी खाते नहर में जा गिरी। गांव चरखी के समीप कितलाना नहर में कार गिरने से इसमें सवार चाचा-भतीजे की मौत हो गई। मृतकों में एक जेबीटी शिक्षक था। सदर थाना पुलिस ने सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर राहगीरों की मदद से कार को बाहर निकाला। इसमें सवार दोनों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। शनिवार सुबह पुलिस ने मृतक जेबीटी शिक्षक के भाई के बयान दर्ज कर शवों का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने इस संबंध में 174 की कार्रवाई की है। पुलिस की प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों का प्रयोग न किया जाना सामने आया है।
जानकारी के अनुसार मकड़ाना निवासी राकेश जेबीटी शिक्षक थे। उनकी बहल के गांव ढाणी शाहजापुर के राजकीय स्कूल में पोस्टिंग थी। शुक्रवार को उसके चाचा ओमप्रकाश की रिटायरमेंट पार्टी थी। ओमप्रकाश भिवानी शिक्षा बोर्ड से क्लर्क के पद से रिटायर्ड हुए हैं। राकेश स्कूल से सीधा भिवानी चला गया। वहां से वह परिवार में ही चाचा लगने वाले जसबीर के साथ अपनी बलेनो कार में सवार होकर मकड़ाना गांव लौट रहा था। जब रात करीब साढ़े 10 बजे वे चरखी गांव के समीप पहुंचे तो अचानक सड़क पर सामने आया डायवर्जन (हल्का मोड़) उन्हें नजर नहीं आया और टायर गड्ढे में जाने से गाड़ी असंतुलित हो गई। इसके बाद एक पलटी खाकर कितलाना माइनर में जा गिरी। राहगीरों ने बताया कि देखते ही देखते गाड़ी पानी में डूब गई और तुुरंत मामले की सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई। इसके तुरंत बाद पुलिस टीम मौकेपर पहुंची और लोगों की मदद से पानी में डूबी गाड़ी को बाहर निकलवाया। पुलिस ने गाड़ी सवार राकेश और उसके चाचा जसबीर को बाहर निकाला और तुरंत उपचार के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मामले की सूचना राकेश के परिजनों को दी गई। पुलिस ने दोनों के शव सिविल अस्पताल के डेड हाउस में रखवा दिए। शनिवार सुबह पुलिस ने मृतक राकेश के भाई रिवेश के बयान दर्ज कर दोनों का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की है।
परिजनों का आरोप नहीं था सांकेतिक बोर्ड, एजेंसी ने नकारा
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों व मकड़ाना के ग्रामीणों ने बताया कि भिवानी की तरफ से आते हैं तो नहर से चंद कदम पहले तक रोड बना है और इसके बाद हल्का मोड़ है। डायवर्जन संबंधी वहां न तो बोर्ड था और न ही रिफ्लेक्टर, जिससे वाहन चालक को आगे के संकीर्ण रास्ते का पता नहीं चल पाता। वहीं, कंस्ट्रक्शन कंपनी का कहना है कि वहां बोर्ड के अलावा लोहे का ड्रम भी जमीन में आधा दबा रखा है ताकि वाहन चालक रफ्तार धीमी कर लें।
जुलाई माह में भी नहर में गिरी थी गाड़ी
दादरी-भिवानी मुख्यमार्ग पर 13 जुलाई को भी एक गाड़ी अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी थी। सूत्रों की मानें तो इसमें चार लोग घायल हुए थे। इनमें एक जींद जेल वार्डन के अलावा एक महिला व दो अन्य पुरुषों का चोटें आई थी। यह हादसा रात करीब एक बजे हुआ था। इस हादसे का कारण सामने से आ रहे वाहन की लाइट लगने से कार चालक का संतुलन बिगड़ना था।
पानी में डूबने और दम घुटने से हुई दोनों की मौत : एसएचओ
सदर थाना कार्यवाहक प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि हादसा रात करीब साढ़े 10 बजे हुआ। सूचना मिलने के करीब 15 मिनट बाद ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने राहगीरों की मदद से पानी में डूबी गाड़ी को बाहर निकाला और इसमें सवार दोनों लोगों को अस्पताल पहुंचाया। तब तक इनकी मौत हो चुकी थी। कार्यवाहक थाना प्रभारी ने बताया कि मौत का कारण दम घुटना है। पानी में कार डूबने के बाद सवार सीट बेल्ट तक नहीं खोल पाए। इस संबंध में पुलिस ने 174 सीपीआरसी की कार्रवाई की है।
नहर से पहले लोहारू चौक की तरफ आने वाली सात मीटर चौड़ी सड़क का तो निर्माण अभी शुरू ही नहीं हुआ है। हमने सुरक्षा मानकों की पालना की है। प्रतिदिन यहां से गाड़ियां आराम से गुजरती है। मृतकों की गाड़ी की रफ्तार तेज थी और मिट्टी के ढेर को पार कर कार नहर में गिरी है। हादसा बेहद दुखद है। नरेंद्र, संचालक, डीसीसी