बहादुरगढ़। गांव आसौदा में सप्ताहभर पहले गांव चमारिया निवासी नरेंद्र की हत्या के मामले में सीआईए बहादुरगढ़ ने दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। काला आसौदिया गिरोह के ये दोनों शूटर किसी और को मारने आए थे, धोखे से नरेंद्र मारा गया। फिलहाल पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश करने के बाद इन्हें दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि में इनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
ये है मामला
दरअसल, गांव आसौदा में 11 नवंबर को रिंकू के परिवार की ओर से कुआं पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में रोहतक के गांव चमारिया का निवासी नरेंद्र भी आया हुआ था। शाम को जब वह छत पर था तो दो युवकों ने गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने में गांव आसौदा के ही निवासी एक युवक व उसके दोस्त का नाम सामने आया था। इस गुत्थी को सुलझाने की जिम्मेदारी सीआईए बहादुरगढ़ को दी गई थी, शुक्रवार को आखिरकार टीम को सफलता मिल गई। सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर मलिक की टीम ने बदमाशों को आसौदा रेलवे स्टेशन के पास से काबू किया है। इनकी पहचान नरेंद्र निवासी आसौदा व मंजीत निवासी सोलधा के तौर पर हुई है।
...मोहित को मारने आए थे, गलती से मारा गया नरेंद्र
ये बदमाश पीपली निवासी मोहित उर्फ भांजा को मारने आए थे, उसके धोखे में नरेंद्र को मार गए। दरअसल, वर्ष-2016 में आसौदा गांव के पूर्व सरपंच राजीव उर्फ काला आसौदिया की झज्जर कोर्ट में पेशी के दौरान गोलियां मार कर हत्या कर दी गई थी। राजीव उर्फ काला पर हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर केस दर्ज थे। सरगना की हत्या के बाद कुछ समय तक यह गिरोह टूट गया था लेकिन राजीव काला के साथी रहे कुख्यात बदमाश अजय उर्फ सरदार निवासी आसौदा ने गिरोह को फिर से खड़ा करना शुरू किया और बदमाशों को एकजुट करने लगा। गिरोह का नाम चमकाने एवं बादशाहत जमाने के इरादे से ही उसने मोहित उर्फ भांजा का मर्डर प्लान किया था। इसके लिए उसने नरेंद्र निवासी आसौदा और सौलधा गांव के रहने वाला मंजीत उर्फ कालू को तैयार किया था।
..तो इसलिए बनाया मोहित की हत्या का प्लान
दरअसल, अजय उर्फ सरदार को लगता है कि उनके गिरोह के सरगना रहे राजीव काला को झज्जर कोर्ट परिसर में मरवा डालने में मोहित उर्फ भांजा का हाथ था। मोहित भांजा ने ही आसौदिया गिरोह के विरोधी और दो लाख रुपये के इनामी बदमाश अशोक प्रधान के मार्फत काला की हत्या कराई। बता दें कि अशोक प्रधान और राजीव काला के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा था। अशोक प्रधान और राजीव काला की लड़ाई में दोनों गिरोह कई दफा आमने-सामने हुए। कई लोगों को इनकी लड़ाई में अपनी जान गंवानी पड़ी।
हुलिया बताकर भेजा था बदमाशों को
दोनों बदमाशों ने भी ये खुलासा किया है कि वारदात को अजय उर्फ सरदार के इशारे पर अंजाम दिया गया। अजय ही उनको रिंकू के घर तक छोड़कर आया था और उसने मोहित उर्फ भांजा के बारे में बताया था कि वह सांवले रंग व मजबूत शरीर का है जो करीब 5.10 फुट लंबा है और सफेद कपड़े पहने मिलेगा। इस जानकारी के आधार पर वे रिंकू के चौबारे में पहुंचे जहां पर सफेद कपड़े पहने सामने नरेंद्र दिखाई दिया और उन दोनों ने मोहित उर्फ भांजा के धोखे में उस पर गोलियों की बौछार कर डाली।
पिलखा और झुंझनू में छिपाए हथियार
वारदात के बाद बदमाशों ने उत्तर प्रदेश के पिलखा व झुंझनू के पवनगढ़ इलाके में उन हथियारों को छिपाया जो वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल किए गए थे। इन हथियारों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें यूपी व राजस्थान जाएंगी।
जेल में हुई थी राजीव काला और मोहित उर्फ भांजा की दोस्ती
मोहित उर्फ भांजा मूल रूप से खरखौदा के गांव पिपली का रहने वाला है। मां-बांप की मौत के बाद मोहित अपने मामा के गांव खरावड़ रोहतक में आकर रहने लगा। एक केस में पकड़े जाने पर वह जेल में बंद हुआ, जहां पर राजीव उर्फ काला पहले से बंद था। जेल में मोहित व काला के बीच गहरी दोस्ती हो गई, लेकिन बाद में कुछ बातों को लेकर उनमें मतभेद हुए और मोहित, सरगना राजीव काला से दूर हो गया। बाद में झज्जर कोर्ट परिसर में काला की हत्या हो गई। इस वारदात में अशोक प्रधान का नाम सामने आया था और वर्तमान में आसौदिया गिरोह को चला रहे अजय उर्फ सरदार को ऐसा लगा कि उनके सरगना को मरवाने में मोहित उर्फ भांजा का हाथ रहा है।
जल्द गिरफ्त में होगा अजय : एसपी
फिलहाल दोनों बदमाशों को पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। इनसे अन्य वारदातों का खुलासा होने की भी संभावना है। दोनों को हथियार उपलब्ध कराने वाला अजय उर्फ सरदार भी जल्द गिरफ्त में होगा। उसकी तलाश में सीआईए छापेमारी कर रही है।