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तारीख से एक दिन पहले गवाह पर जानलेवा हमला, हमलावर ही जख्मी

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बहादुरगढ़। जेल में बंद हत्यारोपी के कहने पर तीन युवकों ने तारीख से एक दिन पहले रिवाड़ी खेड़ा में गवाह पर जानलेवा हमला कर दिया। गवाह पर कई गोलियां चलाईं। गोलियों से बचने के लिए गवाह ने गोली चलाई तो हमलावर जख्मी हो गया। जख्मी हमलावर पीजीआई रोहतक में भर्ती है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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वारदात सुबह करीब आठ बजे की है। दरअसल, गांव रिवाड़ी खेड़ा निवासी सुरेंद्र उर्फ सेवा सुबह बाइक में पेट्रोल डलवाने के लिए जा रहा था। जब वह तालाब के नजदीक फिरनी पर पहुंचा तो वहां बाइक सवार तीन युवक आए। एक के हाथ में देसी कट्टा था। बदमाशों को देख सुरेंद्र बाइक से उतरकर भागा और छिप गया। इसके बाद बदमाशों ने गोली चलानी शुरू कर दी। हमले में सुरेंद्र बाल-बाल बच गया। जब सुरेंद्र ने आत्मरक्षा में अपनी लाइसेंस शुदा पिस्तौल से गोली चलाई तो मुख्य हमलावर जख्मी हो गया। उसे गोली लगते ही अन्य दो फरार हो गए। इसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हमलावर को पीजीआई रोहतक में एडमिट कराया। फिलहाल उसका उपचार जारी है। जख्मी हमलावर की पहचान राकेश निवासी रिवाड़ी खेड़ा के तौर पर हुई है। जबकि उसके साथी फरार चल रहे हैं। कई गोलियां चलीं
दोनों पक्षों की ओर से कई गोलियां चलीं हैं। सुरेंद्र का कहना है कि बदमाशों ने उस पर पांच गोलियां चलाई, गनीमत रही कि वह बच गया। वहीं पुलिस की मानें तो मौके से पांच खोल मिले हैं। किस की पिस्तौल से कितनी गोलियां चलीं, इसकी जांच की जा रही है।
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दो हत्याएं हो चुकी हैं
दरअसल, सुरेंद्र की कुछ समय पहले एक कार्यक्रम में गांव के निवासी विकास के साथ कहासुनी हो गई थी। इस कहासुनी ने रंजिश का रूप ले लिया। 17 फरवरी-2017 में विकास ने सुरेंद्र के ऊपर जानलेवा हमला किया, इस हमले में सुरेंद्र बच गया। इसके बाद 19 अप्रैल-2017 में विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुरेंद्र के भाई अमित उर्फ मित्ता की हत्या कर दी। अमित की हत्या के बाद ही यह सिलसिला नहीं थमा। 16 अप्रैल 2018 को विकास अपने साथियों सहित फिर से सुरेंद्र को मारने के लिए रिवाड़ी खेड़ा आया। लेकिन रात के अंधेरे में सुरेंद्र के बजाय गोलियां सुनील को लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। दो हत्याओं के मामले में विकास और उसके सात साथी जेल में बंद हैं।
...इसलिए मारने आए थे सुरेंद्र को
दो हत्याओं और जानलेवा हमले के केस में सुरेंद्र मुख्य गवाह है। शुक्रवार 21 सितंबर को इस केस की तारीख है। तारीख से ठीक एक दिन पहले सुरेंद्र पर हमला किया। दरअसल, गांव के निवासी राकेश और उसके दो साथियों को जेल में बंद विकास ने ही सुरेंद्र की हत्या करने के लिए भेजा था।
वाट्सएप कॉल से किया संपर्क : सूत्र
पुलिस सूत्रों की मानें तो विकास ने राकेश से वाट्सएप कॉल के जरिये संपर्क किया है और सुरेंद्र को ठिकाने लगाने की बात कही। बहरहाल, जख्मी हमलावर से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि विकास ने उससे कैसे संपर्क किया। यदि वाट्सएप कॉल वाली बात सही साबित हुई तो सवाल ये भी है कि जेल में बंद विकास के पास फोन कैसे आया।
मंजीत महाल गैंग से जुड़ा है विकास
दो हत्या और दो जानलेवा हमले सहित कई मामलों में आरोपी विकास दिल्ली के गैंगस्टर मंजीत महाल के गैंग से जुड़ा हुआ है। मंजीत महाल दिल्ली का कुख्यात बदमाश है। हालांकि मंजीत खुद दिल्ली जेल में बंद है, लेकिन समय-समय पर उसके गुर्गों द्वारा वारदात की जाती रहीं हैं। दो साल पहले इसी गैंग के बदमाशों ने लाइनपार क्षेत्र में एक पूर्व फौजी की हत्या कर दी थी।
की जा रही है जांच : एसएचओ
राकेश, विकास व उनके दो साथियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने, साजिश रहने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल घायल हमलावर पीजीआई में भर्ती है। मेडिकल से छुट्टी मिलते ही उसे हिरासत में लिया जाएगा। फरार चल रहे अन्य दोनों आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे। राकेश का विकास से संपर्क कैसे हुआ, यह भी जांच का हिस्सा है।
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-जसबीर सिंह, एसएचओ, सदर थाना बहादुरगढ़
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