अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
युवा कांग्रेस नेता मोनू जून की हत्या के मुख्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। दो दिन बाद तक हमलावरों के न पकड़े जाने से मृतक के परिजनों में रोष है। पुलिस का दावा है कि शीघ्र ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, सुरक्षा की दृष्टि से पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून को भी सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
मोनू की हत्या के बाद से पुलिस बदमाशों की तलाश में लगी हुई है। सिटी, सदर, सीआईए और स्पेशल स्टाफ की टीमें जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि बदमाशों के बारे में सुराग जुटाने के लिए पुलिस गांव के कुछ युवकों से पूछताछ कर रही है। बुधवार शाम तक पुलिस किसी भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।
एएसपी हिमांशु गर्ग का कहना है कि कई टीमें जांच में लगी हैं। जल्द से जल्द हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उधर, मोनू के परिजनों का कहना है कि हत्या हुए दो दिन हो गए हैं। सभी बदमाशों के नाम भी दे दिए गए हैं, मगर फिर भी आरोपी पकड़ से बाहर हैं। पुलिस जल्द से जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दे।
गौरतलब है कि 25 सितंबर की शाम करीब सात 7 बजे झज्जर रोड पर एक सैलून के बाहर बैठे मोनू की सात-आठ बदमाशों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। मोनू के शरीर में 15 से अधिक गोलियां लगी थी। फिलहाल मामले में साजिशकर्ता के आरोप में मुख्य आरोपी सुनील के मां-बाप को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। मगर तमाम हमलावर पकड़ से बाहर हैं।
पूर्व विधायक को मिले सुरक्षा कर्मी
मोनू हत्याकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून की सुरक्षा बढ़ा दी है। उन्हें तीन गनमैन दिए गए हैं। बताते हैं कि जिस रात मोनू की हत्या हुई उसी रात राजेंद्र सिंह जून के पास एक बड़े पुलिस अधिकारी का फोन आया था। उन्होंने सुरक्षा देने की बात कही तो जून ने हां भर दी थी। बताया जा रहा है कि जून को वही गनमैन मिले हैं जो विधायक रहते समय उनकी सुरक्षा में मौजूद थे। इस बात की पुष्टि पूर्व विधायक के सचिव सुरेंद्र छिल्लर ने भी कर दी है। छिल्लर ने बताया कि जून ने क्षेत्र में आपराधिक वारदातें बढ़ रही हैं। जून ने सुरक्षाकर्मियों के लिए दो बार आवेदन भी किया था। अब मोनू की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई है। गौरतलब है कि पूर्व विधायक राजेंद्र साल 2004-2014 तक दो बार बहादुरगढ़ के विधायक रहे हैं।
कांग्रेसी निशाने पर
कई महीने पहले सरपंच एसोसिएशन के प्रधान एवं गांव बामनोली के सरपंच अनूप सिंह की गांव में ही गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला सुलझा नहीं था कि अब युवा कांग्रेसी नेता मोनू जून की हत्या कर दी गई। दोनों ही मामलों में अभी पुलिस बदमाशों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ये दोनों ही कांग्रेस से जुड़े थे। मोनू जून तो पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह जून का काफी करीबी था।
- पूर्व विधायक राजेंद्र जून को मिले सुरक्षा कर्मी