झज्जर। बेरी-दुजाना मार्ग पर निराचा धाम के पास मंगलवार रात के समय बारातियों की कार की सड़क के बीच खड़े रोड़ियों से भरे ट्रक के साथ टक्कर हो गई। बारातियों की कार बेरी से वापस महराना गांव जा रही थी। टक्कर के बाद सड़क पर जाम लग गया। गाड़ी ट्रक के नीचे फंसी होने के कारण पांचों युवक उसके अंदर ही फंस गए। पुलिस ने क्रेन बुलाकर गाड़ी को ट्रक के नीचे से निकाला और शवों को गाड़ी इसे बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए गए। गाड़ी के अंदर फंसे शवों को क्रेन से खींचकर और काट कर शवों को बाहर निकाला गया। कार व ट्रक की टक्कर इतनी भीषण थी कि घटना स्थल पर हर तरफ मांस के लोथड़े बिखरे पड़े थे। दूल्हे के भाई सचिन, उसके दोस्त देवेंद्र और शुभम शर्मा उसकी बुआ के लड़के सतीश के चेहरे भी पहचान में नहीं आ रहे थे। केवल योगेश का चेहरा ही कुछ पहचान में आ रहा था। करीब दो घंटे तक पुलिस व राहगीरों के प्रयासों से शवों को गाड़ी से बाहर निकालकर उसे एक तरफ किया गया और यातायात को सुचारु करवाया गया।
जाम लगा तो बारातियों ने पहचाना योगेश
कार और ट्रक की टक्कर के बाद जब घटना स्थल पर जाम लग गया था। इसी दौरान पीछे से बारातियों की दूसरी गाड़ी आ गई। जब पुलिस गाड़ियों को वापस मुड़वाकर डीघल-गोच्छी के रास्ते निकलवा रही थी तो बारातियों की कार में से कुछ लोग उतरकर घटना स्थल पर पहुंचे तो चारों युवकों के चेहरे भी पहचान में नहीं आ रहे थे। लेकिन गाड़ी चला रहे योगेश का चेहरा कुछ पहचान में आ गया। उस समय उन्हें पता चला की यह तो योगेश की गाड़ी है
और उसमें बैठे दूल्हे के भाई सहित पांच युवकों की मौत हो गई है। उसके बाद उन्होंने बेरी में पीछे बचे दूल्हे के
परिजनों और बारातियों के अलावा गांव के मौजिज लोगों को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही हर कोई घटना स्थल की और दौड़ पड़ा। शवों को रात के समय ही सामान्य अस्पताल के शव गृह में भिजवाया गया।
बिना इंडिकेटर के सड़क के बीच खड़ा था ट्रक
रोड़ियों से भरा ओवरलोड ट्रक सड़क के बीच खड़ा था। ट्रक खराब होने के कारण वह सड़क के बीच वाली पट्टी पर ही खड़ा था। इंडिकेटर न जलने के कारण वह गाड़ी चालक योगेश को दिखाई नहीं दिया और गाड़ी स्पीड में होने के कारण वह ट्रक के नीचे जा घुसी।