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पीएचसी से सात हजार मरीजों का डाटा चोरी

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। लोहरवाड़ा गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र को चोरों ने लगातार दो रात अपना निशाना बनाया। पहले दिन चोर यहां से करीब सात हजार मरीजों का विभिन्न प्रकार का डाटा चोरी कर ले गए तो अगले दिन अन्य उपकरण चोरी कर लिए। इससे पहले भी यहां तीन बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया जा चुका है लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पायी है। हाल ही में हुई वारदातों के संबंध में पीएचसी स्टाफ ने सदर थाना पुलिस को शिकायत सौंपी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार दादरी-दिल्ली रोड स्थित लोहरवाड़ा गांव में स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए उप स्वास्थ्य केंद्र खोल रखा है। यहां हर बुधवार को गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों का टीकाकरण के अलावा मलेरिया टेस्ट भी किया जाता है। इस केंद्र को लगातार दो रात चोरों ने अपना निशाना बनाया। पुलिस को दी शिकायत में एमपीएचडब्ल्यू प्रवीन राठी, अनीता और कविता ने बताया कि गत शुक्रवार को वे केंद्र के ताले अच्छी प्रकार से बंद कर गए थे। सोमवार सुबह जब वे केंद्र पर पहुंचे तो पिछले गेट की कुंडी टूटी मिली। इससे उन्हें चोरी की वारदात का अंदेशा हुआ। जब उन्होंने रिकॉर्ड देखने के लिए अलमारियां खोलीं तो उनके ताले भी टूटे मिले। अलमारी खोलकर जब चेक किया गया तो उनके होश उड़ गए। इसमें मरीजों और स्टाफ सदस्यों से संबंधित रिकार्ड गायब मिला। इसके तुरंत बाद उन्होंने मामले की सूचना आला अधिकारियों और पुलिस को दी। वहीं, स्टाफ सदस्यों ने बताया कि वारदात के बाद गत सोमवार दोपहर भी वे केंद्र को ताला लगाकर गए थे। मंगलवार को जब केंद्र पर पहुंचे तो फिर से यहां हालात सोमवार सुबह जैसे मिले। इस दौरान उन्हें वहां रखा सामान बीपी अप्रैट्स, बॉयलर (पानी गर्म करना उपकरण), मलेरिया नीडल पैकेट, स्ट्रीप, ग्लूकोमीटर आदि सामान चोरी मिला। वहीं, वारदात की सूचना पाकर सदर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और लिखित शिकायत मिलने के बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
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मलेरिया, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मूवमेंट रजिस्टर, ओपीडी रजिस्टर हुए चोरी
स्टाफ सदस्यों ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यहां से ओपीडी रजिस्टर चोरी हुआ है। इसमें करीब 700 मरीजों का डाटा था। इसके अलावा 2006 से पहले का और 2009-10 का जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र डाटा रजिस्टर भी चोरी हुआ है। इसके अलावा 2010-18 तक का मलेरिया से संबंधी रिकॉर्ड, मूवमेंट रजिस्टर भी चोरी हुआ है। स्टाफ सदस्यों ने बताया कि आरसीएच रजिस्टर, वेट मशीन भी चोर ले गए। स्टाफ सदस्यों की मानें तो यहां से करीब 7000 मरीजों का डाटा चोरी हुआ है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण का रिकॉर्ड मिटाने के लिए वारदात का अंदेशा
अमर उजाला से बातचीत में उप स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने बताया कि लोगों ने स्कूल में अपने बच्चों की जन्मतिथि कुछ और दर्ज करवा रखी है जबकि केंद्र के रिकॉर्ड में कुछ ओर है। इसे दुरुस्त कराना अब लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। ऐसे कई केस आ चुके हैं और उन्हें अंदेशा है कि चोरी का रूप देने के लिए सामान उठाया गया है जबकि असली मकसद रिकॉर्ड ले जाना था।

पांच साल पहले मेन गेट हो गया था चोरी
एमपीएचडब्ल्यू प्रवीन कुमार ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र को चोर कई दफा अपना निशाना बना चुके हैं। जून माह में भी यहां से बीपी अप्रैट्स चोरी हुआ था और इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को दी थी। इससे करीब पांच साल पहले तो पीएचसी केंद्र का मेन गेट ही चोर उतार ले गए थे। प्रवीन कुमार ने बताया कि पीएचसी का बोर्ड भी एक बार चोरी हो चुका है।
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पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल का जायजा भी लिया गया। जल्द ही पुलिस आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लेगी। - जगराम, सदर थाना प्रभारी
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