चरखी दादरी/बाढड़ा। गांव बिलावल निवासी एक बुजुर्ग की बुधवार शाम को बीमारी से मौत हो गई। उसका शव घर पर ही था जबकि दूसरी तरफ रात को गांव में ही चार साल पुरानी रंजिश में उसके मझले बेटे की हत्या कर दी गई। मृतक का शव गांव की गली में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। मृतक के बड़े भाई रमेश ने गांव निवासी एक व्यक्ति समेत अन्य पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस संबंध में ब्रह्मपाल सहित अन्य पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने वीरवार सुबह मृतक का पोस्टमार्टम चरखी दादरी के सिविल अस्पताल में कराया। फिलहाल आरोपी फरार है और उसके घर का फर्श और बेड पुलिस को खून से सने मिले हैं।
सिविल अस्पताल पहुंचे बिलावत निवासी रमेश ने बताया कि उसके पिता सरदार सिंह की बुधवार शाम करीब छह बजे मौत हो गई। उनके पिता पिछले कई दिनों से बीमार थे। वे तीन भाई हैं। सभी खेतों में ही मकान बनाकर रहे रहे हैं। रमेश ने बताया कि दो भाई सुरेंद्र और संजय छोटे हैं। उसका भाई सुरेंद्र बुधवार दोपहर से ही घर से गांव की तरफ आया था। इसके बाद उसके पिता की मौत होने पर परिजनों ने उसकी तलाश भी की लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। रमेश ने बताया कि रात 2:40 बजे गांव के सरपंच सोमबीर का उनके घर फोन आया। सरपंच ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र की किसी ने हत्या कर दी है। उसका शव ब्रह्मपाल नामक ग्रामीण के घर के बाहर गली में पड़ा है। इसके बाद रमेश और अन्य परिजन वहां पहुंचे तो सुरेंद्र मृत पड़ा था। उसका एक हाथ टूटा था जबकि पूरे शरीर पर डंडों से पीटने के निशान थे। इसके तुरंत बाद मृतक के भाई ने मामले की सूचना बाढड़ा पुलिस को दी। इसके बाद थाना प्रभारी अपनी टीम सहित गांव बिलावल पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। वहीं, पुलिस की क्राइम ऑफ सीन और डीएसपी दिलीप सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालातों का जायजा लिया। रमेश ने जिस ग्रामीण पर हत्या का शक जाहिर किया है वह अभी फरार है। मृतक के परिजनों सहित गांव के गणमान्य लोगों को साथ लेकर पुलिस ने जब आरोपी के घर की जांच की तो वहां फर्श पर खून पड़ा मिला।
पहले बेड में तो फिर गली में घसीटकर डाला शव
मृतक के भाई रमेश ने बताया कि जब उन्होंने आरोपी ब्रह्मपाल के घर जाकर देखा तो वहां एक कमरे के फर्श पर खून पड़ा था। इसके बाद जब उन्होंने बैड को खोलकर देखा तो उसमें भी खून मिला। रमेश ने बताया कि उसके भाई की पहले हत्या की गई। इसके बाद शव को छिपाने के लिए बैड में डाला गया। इसके बाद मौका पाकर शव को घसीटकर गली में डाला गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
चार साल पहले सुरेंद्र की आरोपी ब्रह्मपाल से हुई थी मारपीट
रमेश ने बताया कि उसका भाई सुरेंद्र और ब्रह्मपाल पहले साथ ही रहते थे। करीब चार वर्ष पूर्व ब्रह्मपाल और उसके भाई सुरेंद्र की किसी बात पर हाथापाई हो गई थी। यह मामला अभी से न्यायालय में विचाराधीन है। ब्रह्मपाल उसके भाई पर इस मामले में समझौता करने का दबाव बना रहा था। उसके भाई के इंकार करने पर ही ब्रह्मपाल ने सुरेंद्र की हत्या कर दी।
एकसाथ उठीं दो अर्थियां, गांव में पसरा मातम
रमेश के पिता सरदारा सिंह और छोटे भाई सुरेंद्र की अर्थियां घर से एकसाथ उठीं। कुछ ही घंटों के अंतराल पर परिवार में दो मौत होने से घर और गांव में मातम पसरा हुआ है। मृतक पिता-पुत्र का एकसाथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। सरपंच सोमबीर ने बताया कि सरदारा सिंह की मौत शाम करीब छह बजे हुई और सुरेंद्र का शव पड़ा होने की सूचना उनको करीब ढाई बजे मिली थी।
पुलिस ने इस संबंध में ब्रह्मपाल और अन्य पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत है जबकि मृतक सुरेंद्र का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। - सूरजभान, बाढड़ा थाना प्रभारी