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हल्की बरसात में ही शहर हुआ %पानी-पानी%

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हल्की बरसात में ही शहर बना तालाब, हालात कब सुधरेंगे जनाब
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
पिछले कुछ दिनों से जारी बरसात का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। दोपहर को हुई महज 20 निमट की बरसात में ही शहर तालाब में तब्दील हो गया। शहर की सड़कों के अलावा निचले क्षेत्र में बनी मार्केट की गलियों में जलभराव हो गया। इतना ही नहीं कई दुकानों और घरों में बरसाती पानी जा पहुंचा। बरसात के बाद ठप सीवरेज व्यवस्था के चलते आमजन को जलभराव से परेशानियां उठानी पड़ी। शुक्रवार दोपहर करीब 20 निमट की बरसात में ही शहर की कई गलियां और सड़कें जलमग्न हो गई। बरसात के चलते नगर परिषद कार्यालय, जांगड़ा मार्केट, पुराना गोशाला रोड, ढाणी फाटक से गांधी नगर सड़क, चरखी दरवाजा, वार्ड नंबर सात स्थित तंबाकू फैक्ट्री के समीप, चरखी दरवाजा, वाल्मीकि बस्ती, बस स्टैंड के सामने वाली गली, पीएनबी बैंक वाली गली में जलभराव होने से आवागमन में लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी।
अब लगातार हो रही बारिश से मानसून की सक्रियता भी बढ़ने लगी है। अब पूरे जिले में मानसून की झड़ी लगी हुई है। रूक-रूककर बारिश का सिलसिला जारी है। दोपहर के समय एक बार कुछ देर के लिए सूर्यदेव ने दर्शन जरूर दिए थे लेकिन उसके बाद फिर बारिश की झड़ी शुरू हो गई। बारिश से अब शहर में जलभराव की स्थिति प्रतिकूल होने लगी है। कई जगह सीवरेज बैक मार रहे हैं तथा बरसाती नाले ओवरफ्लो बने हुए हैं जिससे शहर से पानी की निकासी का सिस्टम सही नहीं बन पा रहा है हालाकि पंप सैट के जरिए बरसाती पानी का उठान हो रहा है लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नजर नहीं आ रहा है।
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बिजाई कार्य भी हो रहा प्रभावित
लगातार हो रही बारिश की वजह से किसानों की खरीफ की बिजाई का कार्य भी बाधित हो रहा है। अधिकतर किसान बारिश थमने के इंतजार में हैं ताकि वे फसलों की बिजाई कर सके। शुक्रवार को जिले के बाढड़ा में सर्वाधिक 14 एमएम और बौंदकलां में चार एमएम बरसात दर्ज की गई। वहीं दादरी में सुबह आठ बजे तक एक एमएम बारिश हुई लेकिन शाम तक करीब आठ-नौ एमएम बारिश और हुई। पिछले दो-तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से किसान खरीफ की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों का मानना है कि अब अगले 10 रोज तक मौसम साफ रहे तभी फसल की बिजाई ठीक प्रकार से रोपित हो सकती है इसलिए मौसम साफ रहने की जरूरत है। फसल के ठीक प्रकार से रोपित होने पर बारिश हो जाती है तो कोई परेशानी नहीं होगी।


बरसाती पानी की निकासी करने के लिए हम प्रयासरत है। कुछ ही भागों में जलभराव होता है। सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भी प्रयास जारी है। कर्मचारियों की तैनाती हमने अलग-अलग क्षेत्रों में कर दी है।
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जितेंद्र हुड्डा, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग

नालों की साफ-सफाई के साथ-साथ वार्डों की नालियों की सफाई हम कर रहे हैं। जलभराव का कारण बैक मार रही सीवरेज व्यवस्था भी है। जन स्वास्थ्य विभाग से हम तालमेल कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
संजय यादव, सचिव नगर परिषद
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