चरखी दादरी। शहर के स्वच्छता संबंधी हालातों का जायजा लेने स्वच्छता सर्वेक्षण टीम दादरी शहर पहुंच गई है। सोमवार को बिना नप अधिकारियों को को जानकारी दिए टीम ने स्वच्छता के हकीकतों के दावों को परखा। एक तरफ जहां टीम स्वच्छता के नप द्वारा किए गए कार्योें को परख रही थी तो वहीं दूसरी तरफ डंपिंग प्वाइंट पर पड़े कचरे में किसी ने आग लगा दी। शहर में स्वच्छता सर्वे की टीम और कचरे में आग की सूचना मिलते ही नप अधिकारी हरकत में आ गए। आनन फानन में मौके पर पहुंचकर आग को बुझवाया गया। ताकि टीम कहीं कूड़े में लगी आग देखकर नंबर ने काट दे।
नगर परिषद के दायरे में स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2019 शुरू हो चुका है। इसका असर मंगलवार को अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी देखने को मिला। पहले सुबह-शाम ही व्यवस्था पर नजर रखने वाले अधिकारी दोपहर को भी फील्ड में दौड़ते नजर आए। जहां भी खुले में कचरा दिखाई दिया वहां टीम को संसाधनों सहित बुलाकर सफाई कराई गई। शहर के रोहतक रोड पर चंपापुरी क्षेत्र में एक ट्राली कचरा सड़क किनारे से उठाया गया। वहीं, ढाणी फाटक से गांधी नगर की तरफ एक स्कूल के सामने से दो ट्राली कचरे का उठान किया गया। इसके अलावा कालेज रोड के समीपवर्ती क्षेत्रों से भी नियमित उठान के अलावा एक ट्राली कचरे का उठान किया गया। यहां सफाई करने वाले कर्मियों का ध्यान इस कचरे की ओर नहीं था। इसके अलावा सर्वे में नेगेटिव मार्किंग के भय से एक ही दिन में सभी सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और टंकियों में पानी की व्यवस्था भी हो गई। सामान्यता शहर से प्रतिदिन औसतन 20 टन कचरे का उठान होता है। सोमवार को नगर परिषद की टीमों ने सार्वजनिक जगहों पर कचरा फैलाने वाले छह लोगों के चालान भी किए। इन्हें सुनवाई के लिए नप कार्यालय में बुलाया गया है।
सर्वे टीम मंगलवार को भी शहर में रहेगी। नप सूत्रों की मानें तो दादरी शहर आने के बाद से ही टीम सदस्यों ने अधिकारियों से मुलाकात नहीं की। यह टीम अपने स्तर पर ही ग्राउंड में व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। पिछले सर्वे की बात करें तो टीम ने नगर परिषद कार्यालय में पहले रिकॉर्ड जांचा था और इसके बाद ग्राउंड पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था और टीम के साथ नप कर्मचारी भी थे। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उल्टी रही और नप अधिकारियों के जहन में रैंकिंग और बढ़ने का भय है जो कि सोमवार को नजर भी आया।
कूड़ा बीनने वालों ने कचरे को लगाई आग
दोपहर करीब सवा 12 बजे नप अधिकारी को डंपिंग प्वाइंट पर पड़े कचरे में आग लगने की सूचना भी मिली। इसके तुरंत बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान वहां आग लगी मिली और पड़ताल करने पर सामने आया कि कूड़ा बीनने वालों ने कचरे को आग लगाई गई है। इस पर उन्हें भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई। खास बात यह है कि आगजनी के समय कर्मचारी भी यहां मौजूद थे।
तीन स्पेशल टीमों ने चलाया अभियान, आठ टन निकला कचरा
सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय शर्मा ने शहर के तीन मुख्यमार्गों पर सोमवार को सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें तीनों जगह कचरा मिला। इसके तुरंत बाद टीमों को वहां बुलाया गया। रोहतक रोड, ढाणी फाटका और विवेकनगर क्षेत्र से 21 कर्मचारियों की तीन टीमों ने चार टॉली यानी करीब आठ टन कचरे का उठान किया। सोमवार को 20 की बजाय 28 टन कचरा डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचा।
आठ सार्वजनिक शौचालयों में टैंकर से की पानी की व्यवस्था
शहर के सार्वजनिक शौचालयों के रखरखाव की तरफ भी नगर परिषद लगातार ध्यान नहीं देती। पिछले काफी समय से आठ शौचालयों में पानी का प्रबंध नहीं था। सोमवार को नप अधिकारियों ने सभी सार्वजनिक शौचालय की सफाई के साथ टैंकर से टंकियों में पानी का प्रबंध भी करवा दिया। नप अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को दो पानी के टैंकर शौचालयों में डलवाए गए हैं और चार कर्मचारियों ने सफाई की।
तीन कूड़ा फैलाने पर छह लोगों के काटे चालान
सेनेटरी इंस्पेक्टर विजय शर्मा ने स्वच्छता सर्वेक्षण को देखते हुए कचरे फैलाने वालों पर कार्रवाई भी जारी रखी। सोमवार को खुले में कूड़ा फेंकने वाले छह रेहड़ीधारकों के चालान काटे गए। इन्हें सुनवाई के लिए नगर परिषद कार्यालय बुलाया गया है। इसके बाद ही इनकी जुर्माना राशि तय की जाएगी। सूत्रों की मानें तो जुर्माना राशि न्यूनतम एक हजार और अधिकतम पंच हजार रुपये हो सकती है।
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