अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। एएसआई के रिश्वत लेने की शिकायत पर हिसार से आई विजिलेंस टीम ने सदर थाने में बुधवार शाम रेड की। टीम करीब पौने दो घंटे तक थाने में डेरा डाले रही और इसके बाद भी टीम को 25 हजार रुपये बरामद नहीं हुए। इसके बाद टीम थाने से वापिस लौट गई। टीम की अगुवाई डीएसपी विजिलेंस शरीफ ने की। वहीं, शिकायतकर्ता का कहना है कि रिश्वत के आरोप बिल्कुल सही है और उस पर कुकर्म का झूठा मामला बनाया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि एक सप्ताह जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आया हुआ है।
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम हिसार से विजिलेंस की टीम चरखी दादरी सदर थाने पहुंची। एसआई धर्मबीर, एएसआई सदानंद व रमेश, हेड कांस्टेबल विजय, चालक जयवीर टीम का हिस्सा रहे जबकि एसडीओ हरेंद्र देशवाल व एलडीसी अमित को बतौर गवाह टीम में शामिल किए गए। विजिलेंस टीम ने बताया कि एक शिकायतकर्ता ने उन्हें सूचना दी थी कि थाने का एक एएसआई धारा हटाने की एवज में उससे रुपये की डिमांड कर रहा है और बुधवार को वह उसे 25 हजार रुपये देने वाला है। विजिलेंस टीम का कहना है कि शिकायतकर्ता ने बताया कि शाम करीब सवा पांच बजे उसने उक्त एएसआई को पैसे दे दिए हैं। वहीं, विजिलेंस टीम ने थाने पहुंचते ही थाने में मौजूद उक्त एएसआई और कमरे की तलाशी ली लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद टीम ने एएसआई से कमरे में करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो हाथों पर पाउडर लगा होने के अंदेशे पर एएसआई के हाथ भी धुलवाए गए लेकिन कोई सबूत हाथ नहीं लग पाया। वहीं, एएसआई के पक्ष में विभिन्न थानों के पुलिसकर्मी उतर आए। उन्होंने कहा कि एएसआई के खिलाफ कोई सबूत ही टीम को नहीं मिला है। शाम करीब सवा आठ बजे टीम थाने से लौट गई। इससे पहले टीम ने थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों के नाम भी नोट किए। हालांकि यह रुटीन की प्रक्रिया बताई जा रही है।
क्या कहना है शिकायतकर्ता का
शिकायतकर्ता ने बताया कि 23 अक्तूबर को वह गुरुग्राम से अपने गांव पासपोर्ट बनवाने के लिए दस्तावेज लेने पहुंचा था। इसी दौरान गांव निवासी एक युवक उसके पास आ गया। करीब 15 दिन बाद उक्त युवक ने उस पर कुकर्म सहित विभिन्न आरोप लगाए और पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। उसने बताया कि वह एक से सात मार्च तक जेल में रहा और जमानत पर बाहर आया हुआ है। उसने बताया कि धारा हटाने की एवज में एएसआई ने उससे रिश्वत की मांग की थी।
शिकायत के आधार पर हमारी टीम सदर थाने पहुंची थी। शिकायतकर्ता ने 25 हजार रुपये देने के आरोप लगाए थे लेकिन ये नकदी एएसआई के पास नहीं मिली। - शरीफ, डीएसपी विजिलेंस