नहरी पानी चोरी करते पकड़े 584 किसानों को भेजे जाएंगे नोटिस, हियरिंग के बाद तय होगा जुर्माना
चरखी दादरी।
नहरी टर्न के दौरान पानी चोरी पकड़े गए 564 किसानों को सिंचाई विभाग नोटिस भेजने की तैयारी में है। इस सोमवार से किसानों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और इसके बाद इन किसानों को हियरिंग के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान इन किसानों पर जुर्माना राशि तय की जाएगी और इसकी अदायगी न करने वाले किसानों के खिलाफ विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा। इन किसानों को सिंचाई विभाग की टीमों ने गत 15 दिन की नहरी टर्न के दौरान पानी चोरी करते पकड़ा था।
28 फरवरी से 14 मार्च तक जिले की नहरों में पानी चला। इस पखवारे नहरों में 450 क्यूसेक तक पानी चला लेकिन पानी टेल तक नहीं पहुंच सका। कोई भी टेल फीड नहीं हो पाई जबकि करीब 30 नहरों की टेल तक पानी नहीं पहुंच सका। नहरों में पानी छोड़ने के साथ ही इस बार किसानों ने नहरी पानी की चोरी शुरू कर दी थी। किसानों ने इंजन, साइफन आदि के जरिए पानी की दिनरात चोरी की। किसानों ने रबी की प्रमुख गेहूं व जौ आदि फसलों की सिंचाई अवैध रूप से की। जिले में करीब 500 किसानों ने इन नहरों में अंडरग्राउंड पाइप लाइन दबा रखी हैं जिससे पानी की सीधे तौर पर चोरी होती है जबकि नियमानुसार विभाग की ओर से नहरों में लगाए गए वैध मोगों से ही सिंचाई किए जाने का प्रावधान है। पानी चोरी होने पर कई नहरों के तो पंप हाउस तक ही पानी नहीं पहुंच सका । नहरी पानी से ही जलघरों व तालाबों में पानी भरा जाता है लेकिन पानी की भारी मात्रा में चोरी होने पर इनमें भी पानी नहीं डाला जा सका।
जानकारी के अनुसार जिले के 58 जलघरों में से मुश्किल से करीब 30 जलघरों में ही पानी डाला जा सका जिससे अब इन गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा है। जिले में मेन लोहारू फीडर, लोहारू कैनाल , बधवाना डिस्टीब्यूट्री, कितलाना डिस्टीब्यूट्री, मैहड़ा डिस्टीब्यूट्री , बौंद डिस्टीब्यूट्री प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन सभी नहरों में पानी की मात्रा 50 प्रतिशत ही पहुंच सकी। सिंचाई विभाग नहरी पानी की चोरी करने वाले 584 किसानों को अब नोटिस भेजेगा। विभाग ने इसके लिए किसानों को चिह्नित कर लिया है। नोटिस भेजने के बाद संबंधित किसान को कार्यकारी अभियंता कार्यालय में हियरिंग पर बुलाया जाएगा। इसके बाद जुर्माना राशि का निर्धारण कर किसान से वसूली की जाएगी।
प्रति एकड़ कम से कम 50 से 100 रुपये तक वसूला जाता है आबियाना
विभाग नहरों में लगे सरकारी मोगे से सिंचाई करने पर नहरी पानी का आबियाना वसूलता है जबकि पानी की चोरी करने वाले किसानों से तावान वसूले जाने का प्रावधान है। यह आबियाना प्रति एकड़ कम से कम 50 से 100 रुपये तक वसूला जाता है जबकि पानी चोरी करने पर तावान(जुर्माना) इस आबियाना के 15 गुणा तक वसूले जाने का नियम है। जो किसान यह तावान यानी जुर्माना जमा नहीं करवाएगा उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाए जाने का प्रावधान है। किसान के खिलाफ पानी की चोरी का केस दर्ज होता है।
30 से ज्यादा जलघर पानी से नहीं हुए लबालब
15 दिन की नहरी टर्न के दौरान करीब 950 क्यूसेक पानी जिले की नहरों में छोड़ा गया था। इस बार छापमारी के बावजूद नहरी पानी की जमकर चोरी हुई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो करीब 400 क्यूसेक गत टर्न में पानी चोरी हुआ है। नहरी पानी चोरी होने की वजह से जिले के करीब 30 जलघर पानी से लबालब नहीं हो पाए। वहीं सांजरवास, रानीला, घिकाड़ा सहित आधा दर्जन जलघर ऐसे हैं जहां पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची।
:: वर्सन-
विभाग ने ऐसे किसानों की सूची तैयार कर ली है। नहरी पानी की चोरी करने वाले किसानों को अब जल्द ही नोटिस भेजा जाएगा। किसानों की एक्सईएन के समक्ष सुनवाई के बाद जुर्माना राशि निर्धारित की जाएगी।
एसडीओ प्रवीन सहरावत, सिंचाई विभाग