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दादरी से लुटे गए 22 लाख के गहनों पर बदमाशों ने गुरूग्राम में लिया लोन, आरोपी एक साल से जेल में, रिकवरी अब तक नहीं

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दॉदरी से लूटे गए गहनों पर बदमाशों ने गुरुग्राम में लिया लोन
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चरखी दादरी।
17 माह पूर्व हुई स्वर्णकार संघ के पूर्व प्रधान रामबिलास सोनी से करीब 22 लाख की लूट मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पीड़ित परिवार की रिकवरी अब तक अटकी हुई है। लुटेरों ने लुटे गए गहनों पर गुरुग्राम में एक गोल्ड कंपनी से लोन ले लिया था और ये गहने कंपनी में ही जमा है। माल की बरामदगी को लेकर स्वर्णकारों ने पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग से भी मुलाकात की। पुलिस का तर्क है कि गोल्ड कंपनी से बातचीत हो चुकी है और गहनों की निशानेदही के बाद गोल्ड कंपनी से लेकर इन्हें पीड़ित परिवार को सौंप दिया जाएगा। वहीं, पुलिस सूत्रों की मानें तो मुख्य अभियुक्त की मौत हो चुकी है और बाकी आरोपी जेल में हैं। गिरफ्त में आए आरोपियों से पुलिस करीब 60 हजार की रिकवरी ही कर पाई।
स्वर्णकार संघ के प्रधान सुरेश सोनी ने बताया कि रामबिलास सोनी से गत चार अक्तूबर 2016 को उनके घर के बाहर रिट्ज सवारों ने मारपीट कर दुकान का बैग छीन लिया था। इस बैग में करीब 80 तोले सोने के आभूषण व 80 हजार की नकदी थी। लूट की वारदात के दौरान रामबिलास सोनी घायल हो गए थे और कुछ दिन बाद ही उनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। घटना से आहत व्यापारियों ने रोड जाम किया था और इसके बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया था। उनका कहना है कि करीब एक साल पहले पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है लेकिन अब तक गहनों व नकदी की रिकवरी नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने लुटेरों से करीब 60 हजार रुपये बरामद किए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें पता चला है कि लुटेरों ने ये गहने गुरूग्राम की एक गोल्ड लोन कंपनी में गिरवी रखकर लोन ले रखा है। उनका कहना है कि अगर पुलिस साथ चले तो पीड़ित परिवार गहनों की निशानदेही कर सकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की गई है और उन्होंने जल्द से जल्द गहनों की बरामदगी कराने का आश्वासन दिया है।
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बाक्स: स्वर्णकार की हुई मौत, 11 माह बाद पकड़ में आरोपी
पीड़ित रामबिलास सोनी की एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वहीं, पुलिस ने लूट की वारदात के करीब 11 माह बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली के काकरोला निवासी सोमबीर उर्फ सोनू, झज्जर के सोंधी निवासी रणजीत उर्फ जोनी, कमलजीत व प्रमोद को अगस्त 2017 में गिरफ्तार किया था। आरोपी सोमबीर से पुलिस को करीब 52 हजार की नकदी व अवैध हथियार भी बरामद हुआ था। चारों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दया था। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि मामले के मुख्य अभियुक्त की मौत हो चुकी है।
बाक्स: नहीं मांगा जाता गोल्ड लोन कंपनी द्वारा गहनों का बिल
नाम न छापने की शर्त पर गोल्ड लोन कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति गहनों पर लोन लेने आता है तो उसे बिल कराने की जरूरत नहीं पड़ती। गहनों के वजन के आधार पर ही लोन राशि तय होती है। उन्होंने बताया कि इस तरह के मामले अक्सर सामने आते हैं जिनमें लूट के गहनों के बदले लोन राशि ले ली जाती है।
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वर्जन::
जांच अधिकारी ने पीड़ित परिवार को गहनों की निशानदेही करने के लिए साथ चलने को कहा था, लेकिन उन्होंने कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। गहने गुरुग्राम की एक गोल्ड लोन कंपनी में जमा है और कंपनी से पुलिस ने संपर्क कर लिया है। अगर पीड़ित परिवार साथ चले तो पुलिस तुरंत प्रभाव से निशानदेही के बाद गहनों की रिकवरी करा देगी।
सुरेंद्र दांगी, पुलिस प्रवक्ता
वर्जन::
पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में मुलाकात हुई थी। हम सोमवार को पुलिस के साथ गुरुग्राम जाएंगे और अपने गहनों की पहचान कर लेंगे।
संजय सोनी, पुत्र मृतक स्वर्णकार
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